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जैसलमेर: खाप पंचायत के 47 पंचों के खिलाफ रामगढ पुलिस ने दर्ज किया मामला

जैसलमेर जिले के रामगढ कस्बे में रहने वाले भैराराम पुत्र फकीराराम के परिवार के खिलाफ खाप पंचायतों ने फैसला सुनाया था. जिसमें इस परिवार पर 11 लाख रूपये का आर्थिक दण्ड लगाया था.

जैसलमेर: खाप पंचायत के 47 पंचों के खिलाफ रामगढ पुलिस ने दर्ज किया मामला
खाप पंचायत ने हुक्का-पानी बंद करने का फरमान जारी किया था.

मनीष रामदेव/जैसलमेर: खाप पंचायतों के फरमानों पर सरकारों द्वारा भले ही कानूनी बेडिया लगा दी गई हो लेकिन आज भी सुदूर ग्रामीण इलाकों में इन खाप पंचायतों का खौफ कायम है. ताजा मामला है जैसलमेर जिले का है, जहां के रामगढ कस्बे के एक परिवार को खाप पंचायत के फैसले से प्रताडित होना पड़ रहा है़. इस प्रताडित परिवार को जब सरकार से न्याय नहीं मिला तो इस परिवार ने मीडिया का सहारा लिया और इसने जी राजस्थान न्यूज को अपनी पीड़ा सुनाई. जिसके बाद जी राजस्थान न्यूज नें खाप पंचायतों के खिलाफ इस परिवार की पीडा को जिम्मेदारों तक पहुंचाने के लिये खबर को प्रमुखता से प्रसारित किया. खबर के प्रसारित होने के चंद ही घंटों में इस परिवार को राहत मिलना आरम्भ हो गया. जो पुलिस इस परिवार की पीडा को नहीं सुन रही थी वहीं पुलिस अब पीडित परिवार के घर पहुंची और पूरे मामले में 47 पंचों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए पीडित परिवार को राहत दिलाने का आश्वासन दिया.

क्या था पूरा मामला
जैसलमेर जिले के रामगढ कस्बे में रहने वाले भैराराम पुत्र फकीराराम के परिवार के खिलाफ खाप पंचायतों ने फैसला सुनाया था. जिसमें इस परिवार पर 11 लाख रूपये का आर्थिक दण्ड लगाया था. ऐसा नहीं करने पर परिवार को समाज से बाहर कर उनका हुक्का पानी बंद करने का फरमान जारी किया था. भैराराम ने बताया कि उसकी साली सुमित्रा ने उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं होने का कह कर उपचार हेतु डीसा साथ चलने की बात कही. पारिवारिक सदस्य होने के नाते वह साली के साथ डीसा चला गया लेकिन साली सुमित्रा ने यह बात घरवालों को बताई या नहीं उसकी जानकारी उसे नहीं थी. उनके जाने के बाद सुमित्रा के घरवालों ने भैराराम के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया और रामगढ़ पुलिस उसे डीसा से गिरफ्तार कर थाने लाई बाद में न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया. 

जातीय पंचों ने झुठे मुकदमे में राजीनामा करने के लिए भैराराम से पांच लाख रूपये दण्ड स्वरूप भरवाए और बाकि दण्ड नहीं भरने तक समाज से बहिष्कृत कर हुक्का पानी बन्द करने का फरमान सुना दिया. जातीय पंचों का उस परिवार पर लगातार दबाव बढ़ रहा था जिससे मजबूर होकर उस परिवार को खाप पंचायत की बात माननी पड़ी. जातीय पंचों के दबाव में आकर भैराराम ने उसी माह दण्ड की कुल राषि में से पांच लाख रूपये रोकड़ जातीय पंच सांवलाराम पुत्र समरथाराम को सौंपे. पंचों ने फरमान सुनाया कि पूरे पैसे नहीं भरने तक यह परिवार समाज से बहिष्कृत रहेगा तथा इनका हुक्का पानी बन्द रहेगा. 

मानसिक दबाव में आ गया था पूरा परिवार
भैराराम व उसके पिता फकीराराम मेघवाल ने बताया कि उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है. खाप पंचायत द्वारा जो राशि दण्ड के रूप में भरने के लिए कहा गया है वो राशि भरने में असमर्थ है. जातीय पंचों के फरमान के बाद भैराराम के पिता फकीराराम को दिल का दौरा पड़ गया था जिसका उपचार चल रहा है. जातीय पंचों ने उस परिवार पर समाज में किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में जाने पर रोक लगा रखी है. जिससे यह परिवार सामाजिक व मानसिक रूप से उतपीड़न का शिकार है. 

भैराराम ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में रामगढ़ थाने में रिपोर्ट दी गई थी लेकिन पंचों द्वारा राजनैतिक दबाव बनाकर मुकदमा दर्ज होने ही नहीं दिया.पिछले पांच वर्षों से उनका परिवार मानसिक रूप से परेशान है और कभी भी सामुहिक रूप से आत्महत्या कर सकता है। भैराराम ने जातीय पंचों द्वारा दण्ड स्वरूप ली गई राशि ब्याज सहित दिलाने की जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है. पीड़ीत परिवार ने पचास से अधिक पंचों के खिलाफ पुलिस थाने में परिवाद दायर करवाया है.