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Rajasthan News: जैसलमेर में रॉयल्टी ठेकेदार और बीजेपी विधायक छोटू सिंह भाटी के परिवार के बीच हिंसक विवाद का मामला सामने आया है. विधायक के बेटे भवानी सिंह भाटी पर रॉयल्टी ठेकेदार शैतान सिंह के लोगों ने हमला किया, जिसमें उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं. उनकी फॉर्च्युनर गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई और नाके पर आग लगा दी गई. वहीं, रॉयल्टी ठेकेदार शैतान सिंह ने भी खुद पर हमले का आरोप लगाया है.
एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि इस मामले में 24 लोगों को हिरासत में लिया गया है और हालात अब काबू में हैं. घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. हालांकि, अभी तक दोनों पक्षों की ओर से कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है और सदर पुलिस बयानों के आधार पर जांच कर रही है.
विवाद की शुरुआत गुरुवार को उस समय हुई जब रॉयल्टी ठेकेदार के लोगों ने पत्थरों से भरे ट्रकों को सदर इलाके के सम रोड स्थित काहला फांटा पर रोक दिया और रॉयल्टी की मांग करने लगे. नाराज ट्रक ड्राइवरों ने विधायक के छोटे भाई नखत सिंह को फोन कर घटना की जानकारी दी. इसके बाद सुबह करीब नौ बजे नखत सिंह, भवानी सिंह समेत कई लोग रॉयल्टी नाके पर पहुंचे. बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में बहस बढ़ गई और झगड़ा हो गया.
भवानी सिंह के अनुसार, जब वे बातचीत करने गए तो दूसरी पार्टी ने लाठी और तलवारों से हमला कर दिया. नाके पर आग भी लगाई गई और उनकी फॉर्च्युनर गाड़ी में तोड़फोड़ की गई. वहीं, घायलों को जैसलमेर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
दूसरी ओर, रॉयल्टी ठेकेदार शैतान सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पार्टनर राजेंद्र सिंह के साथ 10 करोड़ 10 लाख रुपए में मेसेनरी स्टोन का ठेका लिया था. उन्होंने दावा किया कि विधायक के बेटे भवानी सिंह और उनके रिश्तेदार नखत सिंह समेत करीब 10-15 गाड़ियों में लोग आए और उन पर तलवारों और हथियारों से हमला कर दिया. उनके नाके में आग लगा दी गई और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. इस झगड़े में उनके दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जोधपुर रेफर किया गया है.
बता दें कि रॉयल्टी को लेकर ठेकेदार यूनियन और रॉयल्टी ठेकेदार के बीच कई दिनों से अनबन चल रही थी. एक अप्रैल को जैसलमेर ठेकेदार एसोसिएशन ने रॉयल्टी ठेकेदार के खिलाफ कलेक्टर प्रताप सिंह को ज्ञापन भी सौंपा था. मामले की जांच पुलिस द्वारा जारी है.