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Pokaran Illegal Mining: जैसलमेर जिले के पोकरण कस्बे में ग्रेवल (एक प्रकार की बजरी) का हो रहा अवैध खनन चिंता का विषय बन गया है. खनन माफिया बेखौफ होकर कस्बे के आसपास की जमीन को छलनी कर रहे हैं, जिससे जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं. सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि जिम्मेदारों-खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन-की ओर से इस अवैध गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है.
हाईवे किनारे, मंदिर के पीछे धड़ल्ले से खनन
यह अवैध खनन उन स्थानों पर हो रहा है, जहां लीज (Lease) जारी ही नहीं की गई है. मुख्य रूप से जोधपुर-जैसलमेर बाईपास रोड पर स्थित खींवज माता मंदिर के पीछे और पास के एक तालाब के आगोर (जलग्रहण क्षेत्र) में पिछले कुछ महीनों से लगातार खनन किया जा रहा है.
गहरे गड्ढे: अवैध खनन के कारण यहां जमीन में जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो भविष्य में किसी भी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं.
खुलेआम परिवहन: खनन माफिया दिन और रात में दर्जनों डम्पर भरकर ग्रेवल निकाल रहे हैं और खुलेआम हाई-वे से उसका परिवहन कर रहे हैं.
प्रशासन की पूर्ण अनदेखी
यह पूरा अवैध कारोबार नेशनल हाईवे के किनारे, एक धार्मिक स्थल के ठीक पीछे चल रहा है, जिसे नजरअंदाज करना लगभग असंभव है. हाई-वे से प्रतिदिन प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारी गुजरते हैं और उनके सामने से अवैध खनन की ग्रेवल से भरे डम्पर गुजरते हैं. बावजूद इसके, न तो कोई रोकटोक है और न ही कोई कार्रवाई की जा रही है.
प्रशासन की इस अनदेखी के कारण अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हो रहे हैं. यदि जल्द ही इस पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह अवैध खनन क्षेत्र की पारिस्थितिकी और स्थानीय जल स्रोतों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है.
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