रामगढ़ में खनन के चलते सांस लेना होगा मुश्किल! 150 घरों पर खतरा, ग्रामीण कर रहे विरोध

Jaisalmer News: रामगढ़ के निकट खनन हेतु आवंटित की गई जमीन में खनन के दौरान होने वाले प्रदूषण से फैलने वाली गम्भीर बीमारियों को लेकर रामगढ़ क्षेत्रवासी आशंकित है. इस सम्बन्ध में मैसर्स डालमिया भारत ग्रीन विजन लिमिटेड की ओर से रामगढ़ में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने अपना विरोध दर्ज कराया और खनन क्षेत्र स्थान्तरित करने की मांग की. 
 

रामगढ़ में खनन के चलते सांस लेना होगा मुश्किल! 150 घरों पर खतरा, ग्रामीण कर रहे विरोध
Image Credit: jaisalmer

Jaisalmer News: डालमिया कम्पनी को रामगढ़ के निकट एक हजार बीघा जमीन आवंटित की गई है, जिसकी जद करीब डेढ़ सौ घर व कई खातेदारी खेत आ रहे है. ग्रामीणों का आरोप है कि कम्पनी की ओर से आयोजित बैठक की कोई सूचना सार्वजनिक रूप से नहीं दी गई एक माह पूर्व केवल अखबार में विज्ञप्ति देकर खानापूर्ति की गई थी.

बैठक की सूचना सार्वजनिक रूप से नहीं देने से आपत्तियां नहीं हो पाई दर्ज
डालमिया कंपनी की पर्यावरणीय मंजूरी से जुड़ी आपत्ति दर्ज कराने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक तहसील राजस्व कार्यालय में आयोजित की गई थी. इस बैठक का उद्देश्य आमजन को साथ लेकर कंपनी से होने वाले संभावित लाभ-हानि पर चर्चा करना तथा पर्यावरणीय स्वीकृति के संदर्भ में आपत्तियां दर्ज कराना था. दुर्भाग्यवश, इस अत्यंत संवेदनशील बैठक की सूचना पूरे गांव में नहीं दी गई. परिणामस्वरूप अधिकांश ग्रामीण इस प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान रहे और लिखित रूप में एक भी आपत्ति दर्ज नहीं हो पाई, जिससे कंपनी की पर्यावरणीय मंजूरी का रास्ता लगभग आसान कर दिया गया.

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जद में आ रहे कई गांव और ढाणियां
इस खनन क्षेत्र में रामगढ़ कस्बे के कई घर, कमियों की ढाणी के कुछ मकान और कमी समाज के अधिकांश खेत, सुथार समाज की आवासीय ढाणी, खेत मे काटी गई आवासीय कॉलोनी, पेट्रोल पंप के पास स्थित आवास तथा खत्री परिवारों के कुछ खातेदारी खेत सीधे प्रभावित क्षेत्र में आ रहे हैं. इस खनन से होने वाले प्रदूषण से नेतसी, हेमा, राघवा, सेउवा, रायधन भील की ढाणी, भोजराज की ढाणी, गैस तापीय विद्युत गृह, बीएसएफ की दोनों बटालियन, सेना और वायु सेना के केम्प आदि भी प्रभावित होंगे. यह केवल भूमि या संपत्ति का मामला नहीं है, बल्कि पूरे रामगढ़ के भविष्य का प्रश्न है.

खनन के दौरान होने वाले प्रदूषण से गम्भीर बीमारियों के फैलने को लेकर ग्रामीण आशंकित
सबसे गंभीर चिंता इस परियोजना से उत्पन्न होने वाला धूल-प्रदूषण (डस्ट) है. विशेषज्ञों के अनुसार आगामी वर्षों में इससे रामगढ़ मूल गांव में अस्थमा, सांस संबंधी बीमारियाँ और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने की प्रबल संभावना है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

ग्रामीणों को बैठक से दूर रखने हो सकती है सोची समझी साजिश
यदि यह बैठक समस्त ग्रामीणों की मौजूदगी में होती और कंपनी के लाभ-हानि, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य प्रभाव तथा प्रभावित घरों-खेतों के उचित मुआवजे पर खुलकर चर्चा होती, तो यह गांव के हित में बेहतर निर्णय की दिशा में एक मजबूत कदम होता.


लेकिन कुछ चुनिंदा लोगों के साथ बैठक कर यह आभास दिया गया कि मानो गांव को कोई आपत्ति ही नहीं है. यह स्थिति या तो ग्रामीणों की उदासीनता को दर्शाती है या फिर कुछ जिम्मेदार प्रतिनिधियों द्वारा जानबूझकर गांव को दूर रखकर निजी लाभ के लिए रामगढ़ के भविष्य से समझौता करने का संकेत देती है.

ग्रामीणों की होने पड़ेगा संघठित
अब भी स्थिति पूरी तरह हाथ से नहीं निकली है. एकमात्र रास्ता यही बचता है कि रामगढ़ के ग्रामीण संगठित होकर जैसलमेर जाएं और उपखंड अधिकारी तथा जिला कलेक्टर महोदय के समक्ष इस पूरे मामले को तथ्यों के साथ मजबूती से रखें. रामगढ़ के घरों, खेतों, स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा के लिए यह संघर्ष आवश्यक है, क्योंकि आज की चुप्पी आने वाली पीढ़ियों के लिए भारी कीमत बन सकती है.

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Sandhya Yadav

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संध्या यादव एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 8 वर्षों का एक्सपीरिएंस है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. संध्या की मुख्य Expertise राजस्थान की क्षेत्रीय राजनीति, क्राइम, प्रशासनिक फैसलों और हाइपरलोकल खबरों की सटीक एवं इन-डेप्थ कवरेज में है. लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है. आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे एक्स (https://x.com/Journosandhya) और लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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