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जालोर: सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद बेखौफ बिल्डरों ने स्टॉक किया लाखों टन बजरी

भीनमाल के जसवंतपुरा रोड़ पर करोड़ों रुपए के कॉमर्शियल प्रोजेक्ट, मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए बजरी के स्टॉक के बड़े पहाड़ खड़े कर दिए गए हैं.

जालोर: सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद बेखौफ बिल्डरों ने स्टॉक किया लाखों टन बजरी
इस प्रोजेक्ट में 332 फ्लैट का निर्माण किया जा रहा है.

बबलू मीणा/जालोर: राजस्थान के जालोर के भीनमाल में सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद बेखौफ तरीके से शहर के दबंग बिल्डरों ने क़ानून को ठेंगा दिखाकर लाखों टन बजरी का स्टॉक कर लिया है. इस बजरी से बड़े-बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट का काम धड़ल्ले से चल रहे हैं. जिसको लेकर न तो विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक लगी और ना ही विभाग के अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई करना मुनासिब समझा.

भीनमाल के जसवंतपुरा रोड़ पर करोड़ों रुपए के कॉमर्शियल प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए बजरी के स्टॉक के बड़े पहाड़ खड़े कर दिए गए. जहां पर अवैध रूप से बजरी लाकर के इस प्रोजेक्ट को बेख़ौफ़ तरीक़े से दिन रात किया जा रहा है, लेकिन इस पर कार्रवाई करने को लेकर किसी ने भी जहमत नहीं उठाई.

भीनमाल में करीब 40 करोड़ रूपयें की लागत से शिवम इंफ्रा कम्पनी की ओर से बनाये रहे मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत के इस प्रोजेक्ट में 332 फ़्लैट का निर्माण किया जा रहा है. इसमें बकायदा सरकार की ओर से प्रत्येक फ़्लैट पर 2.67 लाख रुपया की सब्सिडी सरकार के द्वारा दी जाएगी. जिसको लेकर इस प्रोजेक्ट का काम चल रहा है.

वही सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद भू माफ़ियाओं, दबंगों, व बड़े बड़े बिल्डरों ने राजनीतिक रसूख़दरों के साथ मिलकर अवैध रूप से बजरी का खनन करते हुए अवैध रूप से बजरी लाई गई है. प्रोजेक्ट के आस पास बजरी के बड़े बड़े स्टॉक के पहाड़ खड़े कर दिए गए हैं, जिसको लेकर न तो प्रशासन में कोई कार्रवाई करने की जहमत उठायी और ना ही कोई आवाज उठा रहा है. ऐसे में जी मीडिया ने मौके पर जाकर खुलासा किया. जी मीडिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर चल रहे कामकाज का भी निरीक्षण किया. पड़ताल में यह साफ पता चल गया कि सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद बड़ी मात्रा में अवैध बजरी का स्टॉक किया गया.