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Jalore News: राजस्थान में शिक्षक भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर की जांच में कुल 121 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध मिले हैं. सभी ने 2016, 2018 और 2021 की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी हासिल की.
बता दें कि राज्य सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए थे कि पिछले 5 वर्षों में हुई भर्तियों की जांच कर संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट एसओजी को भेजें. इस पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रत्येक संभाग स्तर पर 4 सदस्यीय कमेटियां बनाई.
जांच में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों की परीक्षा में बैठने वाले और नौकरी करने वाले व्यक्ति अलग-अलग हैं. कुछ मामलों में फोटो और हस्ताक्षर मेल नहीं खाते. कई की डिग्री और रीट प्रमाण पत्र भी संदिग्ध पाए गए.
विभाग ने 2 जांच रिपोर्ट एसओजी को भेजी है. पहली FIR में 49 नामजद, दूसरी में 72 पहली रिपोर्ट पर एसओजी ने 49 शिक्षकों को नामजद करते हुए केस दर्ज किया है और दूसरी रिपोर्ट के आधार पर 72 शिक्षकों को नामजद किया है.
इनमें जालोर जिले में कार्यरत 114 शिक्षक शामिल हैं. इसके अलावा उदयपुर जिले में कार्यरत 4, पाली के 2 और जयपुर के 1 शिक्षक शामिल हैं. मामले की जांच एसओजी के डीएसपी जितेन्द्र नावरिया को सौंपी है.
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जालोर के सायला थाना क्षेत्र में बकरी चराने गई महिला से रेप करने और अश्लील फोटो लेकर वायरल करने की धमकी देने वाले आरोपी को पॉक्सो कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.
विशिष्ट लोक अभियोजक रणजीत सिंह ने बताया कि पीड़िता ने 15 जुलाई 2019 को मामला दर्ज कराया था. आरोपी ने घटना के बाद महिला पर बार-बार गलत काम करने का दबाव बनाया और मना करने पर फोटो वायरल करने की धमकी दी.
कोर्ट ने 17 गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही 20 हजार जुर्माने दंडित किया है.
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