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Jalore News: आहोर नगर की करीब 100 करोड़ की राजकीय भूमि को भूमाफियाओं द्वारा न्यायालय के निर्णय की आड़ में हड़पने और राजस्व व नगरपालिका अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से नामांतरण कराने का मामला सामने आया है. सोमवार को शिवसेना (UBT) जालोर की अगुवाई में नगरवासियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया.
मौजा आहोर के पुराने खसरा नंबर 313, 314 व 316 (नवीन 1008, 1009, 977 व 1032) की करीब 3.09 हैक्टेयर (लगभग 19.5 बीघा) भूमि वर्ष 1977 में पूर्व खातेदारों द्वारा नगरपालिका को दान की गई थी. वर्ष 2010 में राजस्व मंडल तथा 2011 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी इस भूमि को पंचायत क्षेत्र के नाम माना था.
भूमाफियाओं के पक्ष में निर्णय, अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जिला न्यायालय द्वारा 2019 में दानपत्र व विक्रयपत्र निरस्त घोषित किए जाने के बाद पंचायत ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसमें यथास्थिति बनाए रखने के आदेश भी थे. लेकिन नगरपालिका बनने के बाद दो वर्षों में मामले की उचित पैरवी नहीं की गई और इसी का लाभ उठाकर 3 नवंबर 2025 को भूमाफियाओं ने उच्च न्यायालय से अपने पक्ष में निर्णय ले लिया.
इसके बाद तहसीलदार व उपखण्ड अधिकारी आहोर ने कथित तौर पर निर्णय की गलत व्याख्या करते हुए 10 नवंबर को न केवल दान की गई भूमि, बल्कि करीब 8 बीघा अतिरिक्त भूमि भी भूमाफियाओं के नाम कर दी. आरोप है कि इस भूमि का तुरंत पुनः हस्तांतरण कर मामला और जटिल कर दिया गया.
इस दौरान शिवसेना जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित, शहर प्रमुख मिश्रीमल परिहार, कार्यकारिणी सदस्य नारायणसिंह राजपुरोहित, धुखाराम चौधरी, देव पुरोहित, बाबूसिंह पुरोहित समेत बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे.
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