बस स्टैंड पर मिले बच्चे को लेने आएगा कोई ? या नए घर जाएगा बजरंग

Jhalawar News : झालावाड़ में बस स्टैड पर लावारिस मिले बच्चे को नाम दो मिल गया है, लेकिन उसकी आंखे आज भी अपने मां-बाप को तलाश रही हैं. क्या वो वापस आएंगे या फिर नए नाम के बाद बजरंग को नया घर और परिवार भी मिल पाएगा ?

बस स्टैंड पर मिले बच्चे को लेने आएगा कोई  ? या नए घर जाएगा बजरंग
Image Credit: AI Genrated

Jhalawar News : झालावाड़ के बस स्टैंड परिसर में अज्ञात व्यक्ति द्वारा लावारिस छोड़े गए 15 माह के शिशु को बाल कल्याण समिति ने अपने संरक्षण में ले लिया है. समिति के द्वारा शिशु का नामकरण भी किया गया है. ऐसे में यह लावारिस शिशु अब दुनिया में बजरंग के नाम से पहचाना जाएगा.

शिशु को नया नाम से पुकारे जाने पर वह खिलखिला कर मुस्कुराने लगा, तो मौजूद लोगो की भी आँखें भर आई. बाल कल्याण समिति सदस्य पूर्णिमा सिकरवार ने बताया कि नवजात लावारिस शिशु मंगलवार को बाल कल्याण समिति के संरक्षण में आया था. ऐसे में लावारिस बालक के नामकरण तथा उसकी जन्मतिथि तय करने की जिम्मेदारी बाल कल्याण समिति की होती है.

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बुधवार को बाल कल्याण समिति के सभी सदस्यों ने मिलकर बालक का नाम बजरंग रखा है। उन्होंने बताया कि बालक की जन्म तिथि तय करने के लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होता है, जिसमें बालक की शारीरिक विकास क्षमता और उसके मानसिक स्तर को ध्यान में रखते हुए, चिकित्सीय सलाह के आधार पर जन्म तिथि को तय किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि तीन दिवस के बाद राज्य स्तरीय व लोकल समाचार पत्रों में बालक के माता-पिता व परिजनों को खोजने के लिए सूचना प्रकाशित की जाएगी. उधर मामले में जानकारी देते हुए दत्तक ग्रहण एजेंसी के विशेषज्ञ व सोशल वर्कर दीपक गौतम ने बताया कि शिशु बजरंग की तीन दिवसीय अवधि में सूचना के प्रकाशित होने के बाद 60 दिनों तक उसके माता-पिता व परिजनों का इंतजार किया जाएगा.

इस अवधि में वह बाल कल्याण समिति के समक्ष आवेदन कर बालक को यहां से ले जा सकते हैं या बालक का सरेंडर कर सकते हैं. 60 दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद बालक को विधि मुक्त कर दिया जाएगा. इसके बाद शिशु की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर दी जाती है, जहां से ऐसे दंपत्ति जिनकी गोद कई वर्षों से सुनी है, वो बच्चे को गोद लेने हेतु आवेदन कर सकेंगे. इस तरह से बालक को नए माता-पिता का साया मिल जाएगा.

सोशल वर्कर दीपक गौतम ने बताया कि ऐसे दंपति महिला व पुरुष जो की संतान विहीन है या जिन्हें बच्चों की आवश्यकता है वह CARA पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि आवेदन करने के लिए दंपति व एकल महिला पुरुष की मानसिक स्थिति स्वस्थ होनी चाहिए. साथ ही वांछित डॉक्यूमेंट को सबमिट कर पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है.

उन्होंने बताया कि आवेदन करने के बाद रैंडमली बच्चा गोद लेने वाले दंपति व एकल महिला व पुरुष को एजेंसी के द्वारा मेल भेज कर इसकी सूचना दी जाती है. जिसके बाद बाल कल्याण समिति से संपर्क कर वह दत्तक पुत्र को ग्रहण कर सकते हैं.

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