झुंझुंनू: 14 साल बाद हुई दंपत्ति को बेटी, खुशी में पूरे गांव को दिया दशोठण का न्यौता

वैसे तो बेटी के जन्म पर कुआं पूजन करना इन दिनों हो रहा हैं लेकिन पूरे गांव में इस बात का संदेश हर घर तक जाए. इसके लिए पूरे गांव में दशोठण का न्यौता दिया गया है.

झुंझुंनू: 14 साल बाद हुई दंपत्ति को बेटी, खुशी में पूरे गांव को दिया दशोठण का न्यौता

संदीप केडिया, झुंझुनू: जिले के गोवला गांव में एक दंपत्ति को 14 साल बाद बेटी हुई है. जिसके बाद उनके परिवार में तो खुशी है ही साथ ही इस खुशी में वो पूरे गांव को शामिल कर रहे हैं. दरअसल, यह तमन्ना इस दंपत्ति के पिता की भी थी. आईसीडीएस में एनटीटी टीचर कमलेश चौधरी ने बताया कि उनके पिता स्व. हरफूल झाझडिय़ा का पिछले साल पांच मार्च को देहांत हो गया था. 

इससे पहले उन्होंने घर में लक्ष्मी आने की बात कही थी और कहा था कि लक्ष्मी आए तो पूरे गांव का मुंह मीठा करवाना है. कुछ माह बाद स्व. हरफूल झाझडिय़ा के पुत्र राजकुमार की पत्नी कृष्णा ने एक बेटी को जन्म दिया. स्व. हरफूल झाझडिय़ा के निधन के कारण बीते साल तो परिवार के लोग कुछ कार्यक्रम नहीं कर पाए लेकिन अब जब बेटी करीब डेढ़ साल की हो गई है तो ना केवल कुआं पूजन हो रहा है बल्कि दशोठण भी होगा. यह कार्यक्रम मंगलवार को होगा. कमलेश चौधरी ने बताया कि गांव के हर परिवार को दशोठण का न्यौता दिया गया है. इसके अलावा बेटी जन्म की खुशी में डीजे के साथ-साथ आतिशबाजी, और हर वो खुशी मनाई जाएगी जो बेटे के जन्म पर सालों से हमारे समाजा में होती आ रही है. 

पूरा परिवार पढ़ा-लिखा, इसलिए तोड़ेंगे परंपरा
वैसे तो बेटी के जन्म पर कुआं पूजन करना इन दिनों हो रहा हैं लेकिन पूरे गांव में इस बात का संदेश हर घर तक जाए. इसके लिए पूरे गांव में दशोठण का न्यौता दिया गया है. इसके पीछे एक बड़ा कारण है कि पूरा परिवार पढ़ा लिखा है. राजकुमार की चार बहनें है जो सभी गवरमेंट जॉब में हैं. इनमें सबसे बड़ी सुशीला उदयपुर के पास डबोक में जीएनएम, दूसरे नंबर के राजकुमार जयपुर में मेडिकल लाइन में, तीसरे नंबर पर की अनिता दिल्ली में, चौथे नंबर की अंजना एक बड़े शिक्षण समूह में वाइस प्रिंसीपल तथा पांचवें नंबर की कमलेश एनटीटी टीचर है.