झुंझुनूं: ग्रामीण इलाकों में बनेंगे शौचालय, शेष लोगों को मिलेगी धनराशि

पूरे प्रदेश में करीब 1300 शौचालय बनाने की स्वीकृतियां आई है, जिसमें झुंझुनूं भी शामिल है.

झुंझुनूं: ग्रामीण इलाकों में बनेंगे शौचालय, शेष लोगों को मिलेगी धनराशि
प्रतीकात्मक फोटो

संदीप केडिया, झुंझुनूं: झुंझुनूं(Jhunjhunu) कलेक्ट्रेट सभागार में ग्रामीण विकास(Rural Development) से जुड़ी योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक(Review Meeting) का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता कलेक्टर रवि जैन(Ravi Jain) ने की. इस मौके पर सीईओ रामनिवास जाट समेत अन्य मौजूद रहे. 

इस दौरान कलेक्टर रवि जैन ने बताया कि पूर्व में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए थे. लेकिन इसके बाद भी कई लोग शेष रह गए थे. उनके लिए अब स्वीकृतियां आ गई है. पूरे प्रदेश में करीब 1300 शौचालय बनाने की स्वीकृतियां आई है, जिसमें झुंझुनूं भी शामिल है. जल्द ही इसका बजट आने के बाद यह काम शुरू किया जाएगा.

इसके अलावा उन्होंने बताया कि नरेगा में निर्धारित किए गए 10 बिंदुओं के हिसाब से प्रदेश में झुंझुनूं तीसरे नंबर पर है. लेकिन जो कमियां रही है. उसे सप्ताहभर में दूर कर पहले नंबर के लिए प्रयास करने होंगे. इस मौके पर सीईओ जाट ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के भी नए लक्ष्य मिल गए है. साथ ही विलेज मास्टर प्लान में भी काम होगा. 

अन्य योजनाओं पर की चर्चा
जैन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नरेगा योजना कि क्रियान्विति, चारागाह विकास, पंचात तथा लाईन विभाग की योजनाओं के साथ कन्जर्स नरेगा जीडीपी योजनाओं की कार्य योजना जल शक्ति अभियान की क्रियान्विति, ग्रामीण विकास की सांसद एवं विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास और प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजनाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों से चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि वे वर्णित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए त्वरित गति से कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ संबंधित को समय पर मिल सके. उन्होंने सामाजिक आर्थिक संकेतकों में आवश्यक सुधार करने की हिदायत भी दी.

डीज कम बंड योजना में काम करवाने के निर्देश
उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर योजना में गरीबी रेखा से निचे के सभी अनुसूचित जाति के परिवारों को भोजन एवं जीवन यापन की सुरक्षा मिलनी चाहिए और इस वर्ग के सभी बच्चें माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा पूरी करें और मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर के सभी कारणों का सामाधान करने के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि डीच कम बंड योजना के तहत सभी जोहड़ में भामाशाहों के सहयोग से तार बंदी करवाने तथा पंचफल के तहत संबंधित अधिकारी नए कार्य लेकर शेष बचे कार्य को समय रहते पूर्ण कर लेवें. जिले की 301 ग्राम पंचायत में प्रत्येक ग्राम पंचायत में इस योजना के तहत नए कार्य शुरू एमएलए एवं एमपी की यूसीसी करवाना सुनिश्चित करें. उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत मे स्ट्रीट एवं एलईडी लाइट लगवाने एवं अनुसूचित वर्ग के क्षेत्रों का चयन कर शत-प्रतिशत सभी योजना संबंधित कार्य शुरूवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए.