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Jhunjhunu Crime News: झुंझुनूं जिले के चिड़ावा में शनिवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. चुंगी नाका पर एक बाप अपने 11 महीने के बेटे को बेचने के लिए दुकानों के सामने आया, जिससे स्थानीय लोग हैरान रह गए. नेपाल निवासी सुशांत उर्फ करण अपने छोटे बेटे को गोद में लेकर दुकानदारों के सामने बच्चों का मौद्रिक भाव लगाते हुए दिखा. इस दौरान कुछ लोगों ने उसका वीडियो भी बना लिया.
युवक ने बताया कि उसके तीन बेटे और एक बेटी हैं और वह चारों को बेचने का प्रयास कर रहा था. उसने बच्चे की कीमत चार लाख रुपए तय की थी. सुशांत के अनुसार उसके ऊपर कर्ज का बोझ है और बच्चों की मां उन्हें छोड़कर चली गई, इसलिए उसने यह कदम उठाया. यह घटना स्थानीय लोगों के लिए बड़ा शॉक साबित हुई और तुरंत ही दुकानदारों ने चिड़ावा पुलिस को सूचित किया.
पुलिस मौके पर पहुंची और एएसआई मुकेश कुमार व कांस्टेबल अंकित राव ने युवक को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की. युवक ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 15 साल से चिड़ावा में रह रहा है. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है.
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लगरिया वाली ढाणी में घर में सो रहे युवक पर लेपर्ड ने किया हमला
झुंझुनूं जिले के खेतड़ी उपखंड के राजोता पंचायत की ढाणी लगरिया वाली में अल सुबह एक लेपर्ड आबादी क्षेत्र में घुस गया. इस दौरान लेपर्ड ने घर में सो रहे युवक पर हमला कर दिया. जिससे बीच-बीच करने आया उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है. जानकारी के अनुसार लगरिया की ढाणी निवासी गोकुलचंद (40) पुत्र जमनाराम ने बताया कि उनके गांव में रात के समय बिजली विभाग द्वारा लाइट की कटौती की जाती है.
वह अपने परिवार के साथ अपने घर में सो रहा था. पास ही बने कमरे में उसका छोटा भाई हो रहा था. सुबह करीब तीन बजे उसके भाई के कमरे में लेपर्ड घुस. गया. जब उसके भाई ने शोर शराबा किया तो वह दोडकर उसके कमरे में गया तो वहां लेपर्ड घुसा हुआ था. जब उसने भाई को बचाने का प्रयास किया तो लेपर्ड ने उस पर हमला कर दिया. इस दौरान जब उसने लेपर्ड से बचने का प्रयास किया तो लेपर्ड उसके दोनों हाथ चबा दिए.
इस दौरान शोर शराबा होने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो लेपर्ड अंधेरे का फायदा उठाकर पहाड़ी क्षेत्र की ओर भाग गया. इस दौरान घायल गोकुलचंद को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद लेपर्ड पास ही बने कृषि फार्म में घुस गए, जहां पहले से मौजूद कुत्ते पर हमला कर घायल कर दिया. ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग ने बांसियाल रिजर्व कंजर्वेशन में जंगली जानवर तो छोड़ दिए, लेकिन इनको कंजर्वेशन में रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए.
वन विभाग द्वारा केवल चार फीट की दिवार बनाईं गई है, जिसे पार कर जंगली जानवर आबादी क्षेत्र में घुस जाते है. पहले भी कई बार जंगली जानवर आबादी क्षेत्र में घुस कर मवेशियों व ग्रामीणों पर हमला कर चुके है, लेकिन वन विभाग द्वारा आजतक किसी को मुआवजा नहीं दिया गया है. घटना की सूचना पर रेंजर पवन सिंह शेखावत मय टीम के साथ मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का मौका मुआयना कर आवश्यक जानकारी जुटाई. इस दौरान ग्रामीणों ने जंगली जानवरों को कंजर्वेशन में रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने तथा इनका शिकार होने वाले लोगों को आर्थिक सहायता देने की मांग की .
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