राजस्थान: Corona का केस पॉजिटिव मिलने के बाद JNU हॉस्पिटल को कराया गया खाली

अजमेर में कोरोना वायरस का पहला मरीज मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. जेएलएन अस्पताल को कोरोना के लिए आरक्षित कर दिया गया है.  

राजस्थान: Corona का केस पॉजिटिव मिलने के बाद JNU हॉस्पिटल को कराया गया खाली
अब इस अस्पताल में सिर्फ कोरोना वायरस से संबंधित मरीज ही रखे जाएंगे.

अजमेर: राजस्थान के अजमेर में कोरोना वायरस (Coronavirus) का एक केस पॉजिटिव मिलने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया गया है. एक हजार बेड वाले संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल को पूरी तरह खाली करवा लिया गया है. अब इस अस्पताल में सिर्फ कोरोना वायरस से संबंधित मरीज ही रखे जाएंगे. साथ ही संदिग्ध और पॉजिटिव मरीजों को अलग-अलग इसी अस्पताल में रखा जाएगा.

वहीं, जेएलएन अस्पताल के परिसर से कुछ दूर बने कार्डियोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में अस्थाई तौर पर इमरजेंसी  चिकित्सा सुविधाएं शिफ्ट की जा रही है. अब जेएलएन अस्पताल में आउटडोर पूरी तरह बंद कर दिया गया है. साथ ही इमरजेंसी मरीज ही कार्डियोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में देखे जाएंगे.

चिकित्सा विभाग के सूत्रों के अनुसार. सर्जिकल व्यवस्था अब यूरोलॉजी विभाग में होगी, जबकि मेडिसन से जुड़े चिकित्सक कार्डियोलॉजी विभाग में अपनी सेवाएं देंगे. कार्डियोलॉजी में ही आपातकालीन ईकाई चलेगी. कार्डियोलॉजी और यूरोलॉजी में भर्ती अधिकांश मरीजों को छुट्टी दी जा रही है. साथ ही सरकारी स्तर पर अब अतिगंभीर मरीजों का ही इलाज होगा.

वहीं, प्रशासन की इस व्यवस्था से मरीज खासकर हृदय रोग वालों को भारी परेशानी होगी. साथ ही अब अस्पताल से मुफ्त दवा लेने में भी मरीजों को परेशानी होगी.

इसके साथ ही कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर अधिग्रहित किए गए निजी क्षेत्र के मित्तल अस्पताल में भी अब जेएलएन अस्पताल के चिकित्सक ही बड़े ऑपरेशन करेंगे. मित्तल अस्पताल में भी मरीजों को देखना बंद कर दिया गया है. हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने फिलहाल डायलसिस की सुविधा को जारी रखा है. अजमेर में सिर्फ मित्तल अस्पताल में ही डायलसिस की सुविधा है. जिला प्रशासन ने इस कोरोना वायरस बीमारी को देखते हुए कई होटल व धर्मशालाएं भी चयनित किया गया है जहां आपातकालीन स्थिति में मरीजों को रखा जाएगा.