जोधपुर: बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में आई BJP, राज्यपाल के नाम दिया ज्ञापन

बीजेपी जिला फलोदी ने अपने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा बिजली दरों को बढ़ाकर आमजन के साथ धोखा किया गया है.

जोधपुर: बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में आई BJP, राज्यपाल के नाम दिया ज्ञापन
बीजेपी ने बिजली दरों को वापस लिए जाने की मांग की.

फलोदी: राजस्थान सरकार द्वारा बढ़ाई गई बिजली दरों को वापस लेने की मांग को लेकर एसडीएम फलोदी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया. बीजेपी जिला फलोदी ने अपने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा बिजली दरों को बढ़ाकर आमजन के साथ धोखा किया गया है. जबकि प्रदेश सरकार द्वारा अपने घोषणा पत्र में वायदा किया गया था कि बिजली दरें नहीं बढ़ाई जाएंगी. 

ज्ञापन में फलोदी बीजेपी ने बताया कि राजस्थान में कुल 1 करोड़ 20 लाख परिवार बिजली का उपयोग करते हैं. इनमें से झांकी परिवार किसान परिवार से है, सरकार के बिजली दरें नहीं बढ़ाने की घोषणा उस समय कपोल कल्पित साबित हो गई. जरा स्थान नियामक आयोग की सिफारिश पर 1 फरवरी 2020 से राज्य में 15 से 20% विद्युत दरों को बढ़ाने की आदेश जारी किए गए. 

प्रति यूनिट बढ़ाने के साथ ही 115 रुपए फिक्स चार्ज प्रतिमा बढ़ाकर आम उपभोक्ता की जयपुर 1 हजार 80 करोड़ का डाका डाला है. फलोदी बीजेपी के अनुसार किसान ओलावृष्टि अतिवृष्टि के बाद टिड्डी दल की मार झेल ही नहीं पाया था कि विद्युत बिल का बोझ किसानों की सामत बन सामने आया है. यह किसानों के साथ अन्याय है. बीजेपी फलोदी द्वारा तत्काल प्रभाव बिजली दरों को वापस लिए जाने की मांग की गई है.

बता दें कि, राजस्थान में अब विद्युत कनेक्शन लेना महंगा होगा. विद्युत विनियामक आयोग के प्रस्ताव लगभग तय है. प्रावधाना जारी होने के बाद कनेक्शन में नाम बदलवाने के लिए भी मोटी राशि देनी होगी, नए कनेक्शन के प्रभार के अनुसार दरें भी बढ़ने जा रही है. विद्युत भार बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त राशि का प्रावधान के कारण अकेले प्रभार राशि बढ़ने से बिजली निगमों को सालाना 1500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है. बिजली कंपनियों पर फिलहाल 90 हजार करोड़ रुपए का कर्ज हैं. 

वहीं, सितंबर 2016 के बाद विद्युत दरों में इजाफा होने जा रहा है. औसतन 18.82 फीसदी टैरिफ में बढ़ोतरी का डिस्कॉम का प्रस्ताव है. माना जा रहा है, कि एक अंकों में बिजली दरें बढ़ेंगी. डिस्कॉम्स का घाटा इस समय 90 हजार करोड़ रुपए को छू रहा है. बढ़ी बिजली दरें आक्सीजन का काम करेंगी. जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम बढ़ रहे घाटे और संचालन खर्च की अधिकता बताकर बिजली दरों में इजाफा चाहती है.