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जोधपुर: नशे में धुत पुलिसकर्मियों ने चार लोगों को पीटा, जनता ने की कार्रवाई की मांग

बाड़मेर जिला मुख्यालय पर रविवार को नशे में धुत तीन पुलिसकर्मियों ने चार लोगों को इतना पीटा कि उनकी आंखों से खून निकलना शुरू हो गया.  

जोधपुर: नशे में धुत पुलिसकर्मियों ने चार लोगों को पीटा, जनता ने की कार्रवाई की मांग
पुलिसकर्मियों ने महिला के साथ भी गाली-गलौच की.

बाड़मेर: जिस पुलिस से पीड़ित लोग न्याय की आस लगाए बैठे हैं, अगर वह ही गुंडागर्दी पर उतर आए तो इससे शर्मनाक कुछ हो नहीं सकता. बाड़मेर शहर में भी रविवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मियों ने वर्दी पर ही दाग लगा दिए. रात करीब 11 बजे सदर थाना पुलिस के एएसआई लूणाराम, हैड कांस्टेबल घमंडाराम समेत एक अन्य ने शराब के नशे में धुत होकर सिविल वर्दी और सिविल ही गाड़ी में जाकर गुंडागर्दी का ऐसा खेल खेला कि बेकसूर तीनों लोगों के साथ बर्बरता की हदें ही पार कर दीं. 

राजस्थान के बाड़मेर जिला मुख्यालय पर रविवार को नशे में धुत तीन पुलिसकर्मियों ने तीन चार लोगों को इतना पीटा कि उनकी आंखों से खून निकलना शुरू हो गया.  खबर के मुताबिक जिप्सम से भरी गाड़ी घर के बाहर खड़ी थी, तभी सिविल गाड़ी व सिविल वर्दी में आए पुलिसकर्मियों ने गाड़ी चालक, खलासी को पकड़ मारपीट की. 

बर्बरता की हद तो तब हो गई, जब महिला और बच्चों को भी नहीं छोड़ा गया. शराब इतनी पी रखी थी कि पुलिसकर्मियों को होश तक नहीं था कि वे किसे पीट रहे हैं. इन पुलिसकर्मियों ने महिला के साथ गाली-गलौच कर दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया और कमरे में घुसकर मारपीट करने लगे. बर्बरता को देख कुछ बच्चों ने भी छिपकर जान बचाई. पीड़ित चिल्लाते रहे कि उनका कसूर क्या है? मारपीट क्यों की जा रही है?

पुलिसकर्मियों ने पीड़ितों को थाने ले जाकर इतना पीटा कि आंखों में खून और शरीर पर रह गए जख्म. ट्रक चालक नरसिंगाराम पुत्र भगवानाराम निवासी रामदेरिया हाल निवासी जोगियों की दड़ी ने बताया कि कवास से जिप्सम की पटिट्यांभर कर बाड़मेर आया था. कैलाश इंटरनशने होटल के पास बरसात होने पर तिरपाल बांध रहा था, तभी सिविल गाड़ी और सिविल वर्दी में एएआई लूणाराम, हैड कांस्टेबल घमंडाराम व मोहनलाल विश्नोई व अन्य 4-5 अन्य पुलिसकर्मी आए और पूछा कि गाड़ी में क्या है. मैंने कहा कि जिप्सम की पटिट्यांभरी हैं. इस पर तीनों ने मारपीट शुरू कर दी. 

वहीं जब रामाराम व रमेश पुत्र पोकरराम रामदेरिया बीच-बचाव में आए तो उन्हें भी पीटा. घर में घुसकर पत्नी को पीटने लगे. जठे राम ने बीच-बचाव किया तो उसे भी पीटा और मेरी जेब से 20,700 रुपए निकाल लिए. मुझे और रामराम व जेठाराम को सदर थाने ले गए, जहां हमसे दो घंटे तक मारपीट की. इससे उसके शरीर पर खून के थक्के बन गए. इन पूरे मामले को लेकर आज सोशल मीडिया और बाड़मेर जिला मुख्यालय पर पुलिस के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है उसी गुस्से को लेकर आज बाड़मेर के दर्जनों युवाओं ने बाड़मेर एसपी और जिला प्रशासन से मुलाकात कर पूरे मामले में पुलिस वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की.

इस पूरे मामले पर बाड़मेर पुलिस अधीक्षक शिवराज मीणा का कहना है कि इस तरह की की सूचना कल दिशा मिली थी मामले की जांच डीवाईएसपी कर रहे हैं. हमने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों को लाइन हाजिर कर दिया है और जल्द जांच रिपोर्ट आने पर अगली कार्रवाई की जाएगी. लेकिन जब पुलिस अधीक्षक से पूछा गया की पुलिस कर्मियों पर शराब के नशे में धुत थे तो अभी तक उनका मेडिकल क्यों नहीं करवाया गया तो पुलिस अधीक्षक भी गोलमोल जबाब देने लगे. 

जिस तरीके से इन तीन पुलिसकर्मियों ने शराब पीकर बेरहमी से पिटाई की है उसके बाद बारे में जिला मुख्यालय पर लोग खौफ के साए में हैं वहीं इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया पर इस तरीके का ट्रेड चल रहा है कि गहलोत सरकार को को इस मामले में बड़ी कार्रवाई कर गरीब लोगों को न्याय दिलाना चाहिए. वहीं पुलिस वालों का कहना है कि हमें शराब की सूचना मिली थी और हमने 151 के तहत इन लोगों से पूछताछ की है.