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जोधपुर: कागजी कार्रवाई के कारण पाकिस्तानी नागरिक की वतन वापसी अटकी

सीबीआई की गिरफ्तारी के बाद 17 नवम्बर 2015 को युसुफ को कोर्ट से फिर जमानत मिल गई. इसके बाद 19 नवम्बर 2015 को उसे जोधपुर जेल में निरूद्ध कर दिया गया. 

जोधपुर: कागजी कार्रवाई के कारण पाकिस्तानी नागरिक की वतन वापसी अटकी
प्रतीकात्मक तस्वीर

जोधपुर: पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद युसूफ की वतन वापसी कागजों में अटकी हुई है. वर्ष 2013 में भारत आए युसूफ को जाली नोटों के साथ पकड़ा गया था. जोधपुर कोर्ट ने तीन साल बाद युसूफ को रिहा कर दिया था, लेकिन सीबीआई ने उसे पुन: गिरफ्तार कर लिया. हाल ही में सीबीआई की अपील को भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. इसके बाद भी युसूफ की वतन वापसी नहीं हो पा रही है. 

पाकिस्तान के हैदराबाद प्रांत में न्यू कलाल मार्केट थाना इलाके में गुलशाह बुखारी निवासी मोहम्मद युसूफ 23 फरवरी 2013 को मुनाबाब रेलवे मार्ग से भारत आया था. युसुफ वैध पासपोर्ट से भारत आया था, लेकिन मुनाबाब पहुंचने पर कस्टम ने उसे 50 हजार के जाली नोटों के साथ पकड़ लिया. कस्टम ने मुकदमा दर्ज कराकर युसूफ को पुलिस को सौंप दिया था. कोर्ट ने एक मार्च को युसूफ को जमानत पर रिहा कर दिया, लेकिन सीबीआई ने उसे पुन: गिरफ्तार कर लिया. 

सीबीआई की गिरफ्तारी के बाद 17 नवम्बर 2015 को युसुफ को कोर्ट से फिर जमानत मिल गई. इसके बाद 19 नवम्बर 2015 को उसे जोधपुर जेल में निरूद्ध कर दिया गया. इसके बाद 2 जून 2016 को कोर्ट ने युसूफ की सजा समाप्त कर दी. इस दौरान मई 2016 में युसूफ को जोधपुर जेल से अलवर डिटेंशन सेंटर में ट्रांसफर कर दिया गया. इस बीच मार्च 2019 में कोर्ट ने सीबीआई की अपील खारिज कर दी. इसके बाद युसुफ को वतन वापसी का इंतजार है. 

सूत्रों के अनुसार पाक कैदियों को वापस भेजने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है, लेकिन यह राजनयिक मामला है. सजा पूरी होने के बाद दोनों देशों के बीच एक-दूसरे के कैदियों की अदला-बदली होती है॥ युसूफ के मामले में पाक दूतावास से जानकारी के आने के बाद उसकी वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है.