जोधपुर: पंचों को रास नहीं आई महिला की दूसरी शादी, अत्याचार की सभी हदें की पार

पंचों ने उसे समाज में शामिल करने का फरमान तो दे दिला लेकिन अब पंचों ने फिर से नए सिरे से उसके पूर्व पति की दोनों बेटियों को समाज को सुपुर्द करने का फरमान जारी किया है. 

जोधपुर: पंचों को रास नहीं आई महिला की दूसरी शादी, अत्याचार की सभी हदें की पार
प्रतीकात्मक तस्वीर

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर के जालौर के भीनमाल में पंचो की दादागिरी का एक मामला सामने आया है. दरअसल, यहां गांव की एक महिला द्वारा दूसरा निकाह करना पंचों को रास नहीं आ रहा है. जिस कारण पंचायत उस महिला पर लगातार अत्याचार कर रही है. पंचों द्वारा सबसे पहले महिला को समाज से बहिष्कृत किया गया. जिसके बाद उसे समाज में वापस शामिल करने के लिए पंचायत ने उसके परिवार के सामने एक लाख रूपये देने की मांग रखी और अब तो पंचायत ने महिला की पहली शादी से दोनों बच्चियों को समाज के सुपुर्द करने की मांग के साथ अत्याचार की सभी हदों को पार कर दिया. 

दरअसल, भीनमाल निवासी जरीना बानों ने उसके पूर्व पति अजीज खान के देहांत के बाद 2012 में इकबाल खान से दूसरा निकाह किया था. इकबाल से निकाह करने के बाद महिला के पूर्व पति के माता पिता और समाज के लोग नाराज हो गए. जिसके चलते पहले तो उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया और समाज में पून: शामिल करने के लिए एक लाख ग्यारह हजार का अर्थ दंड लिया गया.

इसके बाद पंचों ने उसे समाज में शामिल करने का फरमान तो दे दिला लेकिन अब पंचों ने फिर से नए सिरे से उसके पूर्व पति की दोनों बेटियों को समाज को सुपुर्द करने का फरमान जारी किया है. आपको बता दें, जरीना की दोनों बेटियां अभी नाबालिग हैं और पंचों द्वारा लगातार जरीना पर दबाव बनाया जा रहा है. जब इस बारे में महिला द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज की तो पुलिस ने भी मामले की ठीक से जांच नहीं की. 

जिसके बाद अब पीड़ित महिला ने आईजी जोधपुर रेंज को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और जांच अधिकारी बदलकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है.