जयपुर: रब ने बना दी 'कैलाश-तारा' की जोड़ी, जल्द गूंजेगी किलकारियां

अब तक पिंजरे में रहा कैलाश आज लॉयन सफारी के खुले जंगल में घूम रहा है. जंगल की आजादी का महत्व जंगल की शेरनी तारा बता रही है.   

जयपुर: रब ने बना दी 'कैलाश-तारा' की जोड़ी, जल्द गूंजेगी किलकारियां
शेर कैलाश और शेरनी तारा

सुजीत श्रीवास्तवजयपुर: अब तक पिंजरे में रहा कैलाश आज लॉयन सफारी के खुले जंगल में घूम रहा है. जंगल की आजादी का महत्व जंगल की शेरनी तारा बता रही है. हम बात कर रहें हैं जोधपुर से जयपुर लाए गए शेर कैलाश की. जोधपुर में कैलाश पिंजरे में कैद था, लेकिन तीन महीने पहले कैलाश को जोधपुर से जयपुर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क (Nahargarh Biological Park) में लाया गया था. 

जन्म से ही पिंजरे में रहने वाला कैलाश जंगल से बिल्कुल अनजान है. कैलाश को नाहरगढ़ लॉयन सफारी (Nahargarh Lion Safari) में शेरनी तारा के साथ छोड़ा गया है. तारा शिक्षिका बनकर कैलाश को जंगल में रहना सिखा रही है. पहले दिन तो कैलाश जंगल में ज्यादा नहीं घुमा, लेकिन अब तारा कैलाश को अपने साथ लेकर पूरा जंगल घुमा रही है. हालांकि यहां छोड़ने से पूर्व दोनों को कुछ दिन पूर्व एक साथ कराल में भी छोड़ा गया था, जिससे एक दूसरे की पहचान हो सके. शेर कैलाश के आने से जहां शेरनी तारा को सहारा मिल गया, वहीं दूसरी ओर कुनबा बढ़ने की संभावना भी बन गई है.

तारा और कैलाश का जोड़ा लॉयन सफारी में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. एसीएफ जगदीश गुप्ता ने बताया कि शेर कैलाश को जंगल में रहने का अनुभव नहीं है. पहली बार लॉयन सफारी के लिये जंगल में कैलाश को छोड़ा गया है. धीरे-धीरे कैलाश जंगल में रहने के तौर-तरीके सीख रहा है.

बता दें कि कैलाश को तारा के साथ जोड़ा बनाने के लिए जोधपुर से लाया गया है. तारा और कैलाश को लायन सफारी (Lion Safari) में छोड़ने के बाद उनकी मॉनिटरिंग की गई तो देखा कि तारा ने कैलाश को जंगल में गाइड किया. शेरनी तारा शेर कैलाश के आगे पीछे घूम रही थी और उसको साथ साथ जंगल में घूमाती हुई नजर आई.