किडनैपिंग के दिन ही हो गई थी 'मासूम' की हत्या, परिजन बोले- कहीं से ला दो मेरा बच्चा

प्रारंभिक जांच में पुलिस को जो सबूत मिले, उसके अनुसार पड़ोसी ही मासूम का हत्यारा निकला और पैसों के चक्कर में मासूम की हत्या कर डाली.

किडनैपिंग के दिन ही हो गई थी 'मासूम' की हत्या, परिजन बोले- कहीं से ला दो मेरा बच्चा
पड़ोसी ही मासूम का हत्यारा निकला और पैसों के चक्कर में मासूम की हत्या कर डाली.

Jodhpur: शहर के भीतरी इलाके कुम्हारिया कुआं क्षेत्र (Kumhariya Thana Area) से 15 मार्च को खेलते हुए लापता हुए हिमांशु प्रजापत (Himanshu Prajapat) के मामले का आखिर पुलिस ने खुलासा कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. 

यह भी पढ़ें- लापता 'मासूम' को नहीं ढूंढ पाई Jodhpur Police, IG के घर के सामने कट्टे में मिला शव

पुलिस अब पूरी गहनता से सबूत जुटाने में लगी हुई है. प्रारंभिक जांच में पुलिस को जो सबूत मिले, उसके अनुसार पड़ोसी ही मासूम का हत्यारा निकला और पैसों के चक्कर में मासूम की हत्या कर डाली.

यह भी पढ़ें- मृतक युवक का शव लेने से परिजनों ने किया इनकार, वजह जानकर फट जाएगा कलेजा!

जोधपुर (Jodhpur) के खांडा फलसा थाना इलाके में रहने वाले प्रजापत परिवार का 7 साल का पुत्र हिमांशु प्रजापत 15 तारीख को दोपहर तक मोहल्ले में ही खेल रहा था लेकिन 3:30 बजे के करीब मासूम गायब हो गया, जिस पर परिवार वालों ने खांडा फलसा थाने में बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई. गुमशुदगी की रिपोर्ट के साथ ही पुलिस ने पूरे इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले लेकिन बच्चा मोहल्ले से बाहर जाते हुए कहीं दिखाई नहीं दिया. 

मासूम की तलाश में लगी थी बड़ी टीम
इस बीच 17 मार्च को सुबह जोधपुर रेंज आईजी (Jodhpur Range IG) के मकान के पास खुले पड़े नाले में पुलिस को एक शव मिलने की सूचना मिली, जिस पर पुलिस ने मौके से सबूत जुटाकर शव को मथुरादास माथुर अस्पताल (Mathuradas Mathur Hospital) की मोर्चरी में भिजवाया, जहां पर मासूम हिमांशु के परिवार वालों ने उसकी पहचान की मासूम का शव मिलने के साथ ही पुलिस ने अपनी जांच को और तेज कर दी, हालांकि गुमशुदगी के दिन से ही डीसीपी पूर्व धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 4 एसीपी 9 सी आई साइबर फुटेज एक्सपर्ट 50 जवानों की टीम मासूम की तलाश में जुटी रही लेकिन पुलिस के हाथ खाली रहे और इस बीच 17 तारीख को मासूम का शव मिलने के साथ ही 10 घंटे में मासूम के हत्यारे को हिरासत में ले लिया.

पुलिस ने लिया कट्टे का सहारा
डीसीपी पूर्व धर्मेंद्र सिंह (Dharmendra Singh) ने बताया कि आईजी के बंगले के पास मिले शव के पास मिले सबूत के आधार पर जिस कट्टे में बच्चे के शव को डाला गया था, उसी कट्टे के आधार पर पुलिस आरोपी के घर तक पहुंच सकी. दरअसल, हिमांशु प्रजापत के पड़ोस में रहने वाले किशन सोनी जोकि रोटी बनाने का काम करता है और उसके यहां हर तीसरे दिन 25 किलो आटे का कट्टा आता है और जिस कट्टे में बच्चे का शव मिला था और किशन सोनी (Kishan Soni) के घर आने वाले आटे के कट्टे की मिलान के साथ ही पुलिस आरोपी तक पहुंच सकी. 

हत्या के बाद परिजनों से मांगी फिरौती
वहीं, आरोपी किशन सोनी ने पुलिस और मासूम के परिवार को गुमराह करने के उद्देश्य से बच्चे की हत्या के बाद परिवार वालों को व्हाट्सएप मैसेज भेज कर पैसों की मांग की और पुलिस ने उस मैसेज के आधार पर भी आरोपी तक पहुंची शातिर आरोपी किशन सोनी परिवार वालों को और पुलिस को गुमराह करते हुए अस्पताल की मोर्चरी के बाहर भी लोगों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुआ लेकिन पुलिस ने जब उसे दस्तयाब किया तो उसने अपना मोबाइल भी तोड़ दिया लेकिन पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि जिस दिन बच्चे का अपहरण किया था, उसी दिन उसकी हत्या कर डाली और अब पुलिस इस पूरे मामले के सबूत जुटाने में लगी हुई है.