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जोधपुर: जमीन फटने से लोगों में दहशत, पहले भी एक गांव हो चुका है जमीन दोज

ग्रामीण चाहते हैं कि भू सर्वेक्षण विभाग से उसकी जांच हो कि यह किस कारण से हो रहा है. इसलिए ग्रामीण अभी बहुत ही सहमे हुए और डरे हुए लग रहे हैं.

जोधपुर: जमीन फटने से लोगों में दहशत, पहले भी एक गांव हो चुका है जमीन दोज
झवर गांव से पहले यहां पाटन गांव हुआ करता था.

जोधपुर/ अरुण हर्श: लूणी तहसील के झवर गांव में जमीन फटने से ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है और जहां गांव बसा हुआ है वहां से 100 मीटर दूरी पर से लगाकर 300 मीटर दूरी तक 1 से 3 फुट चौड़ी जमीन अचानक से फटने शुरू हो गई है. जिससे एक बहुत बड़ी खाई बन गई है. जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है. 

ग्रामीण चाहते हैं कि भू सर्वेक्षण विभाग से उसकी जांच हो कि यह किस कारण से हो रहा है. इसलिए ग्रामीण अभी बहुत ही सहमे हुए और डरे हुए लग रहे हैं. गांव वासियों का कहना है कि झवर गांव से पहले यहां पाटन गांव हुआ करता था. वह भी किसी जमाने में जमी दोज हो गया था. अब वहां पर सिर्फ एक मंदिर बचा हुआ है जो उनकी आस्था का केंद्र है. 

अब जब दोबारा झंवर गांव में जमीन फटी है तो लोगों को डर सता रहा है कि कहीं विपदा तो नहीं आने वाली है. वैसे इतिहास में दर्ज है कि झंवर गांव को न्याय का गांव कहा जाता है और आज भी न्यायेश्वर महादेव का मंदिर मौजूद है. जिसे आसपास के 20 गांवों के लोग कई बार आपसी विवाद भगवान महादेव को साक्षी मानकर सुलझाते हैं. मुगलकालीन जमाने में राजा रजवाड़ों के समय में झवर गांव में जनता का फैसला हुआ करता था लेकिन पिछले 2 दिनों से जिस तरह से धरती फट रही है उससे लोगों में भय समाया हुआ है. वैसे तो आधुनिक युग है लेकिन गांव वासी धरती माता की पूजा कर भगवान से प्रार्थना कर रहे है कि गांववासी पर कोई विपदा न आए.