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Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत 29 अगस्त तक बढ़ा दी है. आसाराम जोधपुर जेल में यौन उत्पीड़न के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. हाईकोर्ट ने अहमदाबाद के सिविल अस्पताल की टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड बनाकर आसाराम की जांच करने का निर्देश दिया है. इस बोर्ड में कार्डियक और न्यूरोलॉजी सहित विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल होंगे.
27 अगस्त को इस जांच की रिपोर्ट मांगी गई है. जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया. आसाराम के अधिवक्ता निशांत बोडा और यशपाल सिंह राजपुरोहित ने कोर्ट में उनका पक्ष रखा. इससे पहले आसाराम को मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसे बाद में कई बार बढ़ाया गया है.
सरकारी अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम गठित
आसाराम की स्वास्थ्य जांच के लिए राजस्थान हाईकोर्ट ने अहमदाबाद के एक सरकारी अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम गठित करने का निर्देश दिया है. इस टीम में दो कार्डियोलॉजिस्ट और एक न्यूरोलॉजिस्ट शामिल होंगे, जो उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच करेंगे और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेंगे. कोर्ट 27 अगस्त को आसाराम के मामले में अगली सुनवाई करेगी और उससे पहले जांच रिपोर्ट की अपेक्षा कर रही है. आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर बताई जा रही है, और उनका इलाज इंदौर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है. टीम का गठन और जांच की प्रक्रिया आसाराम के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगी, जिससे कोर्ट को उनके मामले में उचित निर्णय लेने में मदद मिलेगी.
उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम
आसाराम को दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. पहला मामला 2013 का है, जब उन पर जोधपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का आरोप लगा था. इस मामले में उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी. दूसरा मामला सूरत की एक महिला का है, जिसने आसाराम पर गांधीनगर के एक आश्रम में उसके साथ बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था. जनवरी 2023 में इस मामले में भी उन्हें दोषी ठहराया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई. आसाराम के खिलाफ कई अन्य मामले भी दर्ज हैं, जिनमें उनके बेटे नारायण साईं पर भी बलात्कार के आरोप लगे हैं. नारायण साईं को अप्रैल 2019 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.
किस बीमारी से जूझ रहे आसाराम?
आसाराम को कोरोनरी आर्टरी डिजीज है, जो हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बनती है. जोधपुर AIIMS की रिपोर्ट के अनुसार, वह इस बीमारी की "हाई रिस्क श्रेणी" में आता है. इसके अलावा, आसाराम त्रिनाड़ी शूल (गंभीर पीठ और कमर की बीमारी) से भी पीड़ित हैं. उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए, कोर्ट ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम गठित करने का निर्देश दिया है, जिसमें दो हृदय रोग विशेषज्ञ और एक न्यूरोलॉजिस्ट शामिल होंगे, जो उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच करेंगे और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेंगे.
आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार...
- विशेष नर्सिंग देखभाल
उनकी स्वास्थ्य स्थिति की करीबी निगरानी और विशेषज्ञ नर्सिंग देखभाल की आवश्यकता है.
- करीबी निगरानी
उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर करीबी निगरानी रखने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके.
- एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट से काउंसलिंग
नियमित रूप से एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट से काउंसलिंग की आवश्यकता है, ताकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति का उचित प्रबंधन किया जा सके.
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