&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Jodhpur News : रंधावा ने पायलट- गहलोत और बाकी सभी नेता के हर मंच पर एकजुट होने की भी बात कही. सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यह देश में पहली बार हो रहा है जब लोग अपना वोटर लिस्ट में नाम ढूंढ रहे हैं, पहले वोटर गवर्नमेंट को बनाते थे लेकिन अब गवर्नमेंट वोटर बना रही, यह निश्चय किया जा रहा है कि किसे वोटर बनाना है और कौन वोटर होगा.
महाराष्ट्र में एक करोड़ वोट बढ़ाते हैं तो बिहार में 70% वोट काट दिए जाते हैं, यह डेमोक्रेसी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है. देश को डिक्टेटरशिप की तरफ भाजपा बढ़ाने का प्रयास कर रही है जो हम नहीं होने देंगे. कांग्रेस ने आजादी के लिए कार्य किया है. लोगों के लिए कार्य किया है. देश में वोट डालकर सरकार बनाई जानी चाहिए. जिसको वोट ज्यादा मिलेंगे. वह सरकार चलाएंगे, लेकिन भाजपा जानती है जिसको हम कहेंगे उसके वोट डालने जाएंगे यह वोट चोरी है. पिछली सरकार भी इनकी वोट चोरी से ही बनी है, इलेक्शन कमीशन इंडिपेंडेंस काम करने वाली संस्था नहीं रही है. किसी पार्टी का साथ देखकर धमकाना इलेक्शन कमीशन का कार्य नहीं है.
आजादी के बाद इलेक्शन कमीशन ने डेमोक्रेसी के लिए कार्य किया, लेकिन ये पहला इलेक्शन कमीशन है ,जो यह कह रहा है एफिडेविट दीजिए जो मर चुके हैं उनके वोट बनाए गए, वही जो जिंदा है उनके वोट काट दिए गए. मैं तो अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को कहता हूं- कि अपनी अपनी सूची अभी से ले लीजिए, जो मर गए उनके वोट बन गए. जो जनता है उनके वोट काट दिए इससे ज्यादा क्या प्रूफ चाहिए अध्यक्ष जी और नेता प्रतिपक्ष अभी ही सूचिया ले ले क्या बात चुनाव के समय या सूचिया गायब हो जाए. जैसे बिहार और महाराष्ट्र में या तो सूचिया नहीं मिल रही या वे नहीं दे रहे हैं.
पाकिस्तान के साथ में जो ऑपरेशन सिंदूर हुआ, इसमें पूरा हिंदुस्तान आपके साथ में खड़ा है, इसके बाद जो हुआ उसको क्रिटिसाइज करना और पाकिस्तान को आकर कोई कहे की हम सीज फायर करवा रहे हैं ,उस पर प्रधानमंत्री का ना बोलना और बीजेपी का नहीं बोलना. वहीं अमेरिका के प्रेसिडेंट का यह कहना कि यह मैंने करवाया है उसके ऊपर किसी तरह की टिप्पणी नहीं आ रही है.
पहलगाम में जो हुआ इसको लेकर भारत सरकार ने जो कदम उठाए वह बहुत अच्छा किया गया , लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद में उन आतंकवादियों की फोटो भी जारी करनी चाहिए, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बाद में मारा गया था, ताकि संदेश जाता, जो देश के साथ ऐसा करता है उसके साथ क्या सलूक किया जाता है.
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार पर बोलते हुए रंधावा ने कहा कि जुडिशरी को डिसीजन के लिए मजबूर करना या बीजेपी का काम है. कांग्रेस कभी यह नहीं करती जुडिशरी मौत की सजा को बरकरार भी करती है और खत्म भी कर देती है, जुडिशरी अगर बायस्ड डिसीजन देने लग जाएगी तो लोग कहां जाएंगे.
हमारे कांग्रेस के उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार ने कभी हमारे खिलाफ ही फैसले दिए तो हमने कभी विरोध नहीं किया, हमारी यूपीए सरकार के ऊपर जो 2G स्पेक्ट्रम के घोटाले और तमाम घोटाले चले, क्या उसमें कुछ निर्णय आ पाया वे सभी में सभी के सभी बरी हो गए .जिस तरह से यूपीए 2 में हमने सहन किया. वैसा ही भाजपा को भी करना चाहिए. जुडिशरी को साफ रखना चाहिए और सच्चाई को सुनना चाहिए.
आपने उपराष्ट्रपति की बात की हमारे एक जाट भाई था, उसे कहां छुपा दिया गया. मैं तो जगदीप धनखड़ जी को कहूंगा कि वह जाट बने और बाहर आए और सच्चाई बताएं क्यों आपको निकाला गया क्यों उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मजबूर होना पड़ा. अगर स्वास्थ्य कारण से उन्होंने इस्तीफा दिया तो बाहर आना चाहिए वे कहा है कौन से अस्पताल में हैं. उनको क्या हुआ है .हमारे बड़े लीडर है, जाट लीडर है कहां से शुरू हुई तो कहां खत्म हुई बीमारी.
रंधावा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर हमला बोलते हुए कहा कि हम इसे पर्ची सरकार मानते हैं, पहले स्कूलों में पर्ची चल जाती थी, लेकिन ये पहला मुख्यमंत्री है, जो पर्ची देख कर भी नकल नहीं मार सकता .दिल्ली से जो पर्ची आती है, उसे वैसे ही चलाते हैं, अब पर्ची सरकार की जगह अध्यक्ष जी को चेंज कर देना चाहिए. टाइम पास सरकार नाम अच्छा है, मुख्यमंत्री का कोई विजन नहीं है. राजस्थान एक महत्वपूर्ण राज्य है बॉर्डर एरिया है राजस्थान पंजाब में कोई ज्यादा फर्क नहीं है जितना पंजाब को खतरा है. उतना ही राजस्थान को खतरा है. जितना पंजाब में दक्ष और माफिया के लिए नाम आ रहा है उतना ही राजस्थान में भी आ रहा है.रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी को स्टैंड लेना चाहिए और यह बातें खत्म करनी चाहिए.
अमीन खान कि कांग्रेस में वापसी के बाद में अब क्या वे नेता जो कांग्रेस में वापसी की तैयारी कर रहे हैं , वो वापसी करेंगे कि सवाल पर रंधावा ने उमेद राम बेनीवाल की तरफ इशारा करते हुए, उन्होंने कहा कि सांसद साहब हमारे जीत कर आए हैं. उनके रिकमेंडेशन से अमीन खान की वापसी हुई है. जो भी कांग्रेस की आईडियोलॉजी को समझेगा ,उसे कांग्रेस में शामिल किया जाएगा ,लेकिन मैं यह प्रदेश अध्यक्ष जी से कहना चाहता हूं कि जिन लोगों को निष्कासित किया गया है ,उन्हें 6 साल के लिए टिकट का ध्यान नहीं रखना चाहिए. उनको लाइन में लगकर कांग्रेस पार्टी की सेवा करनी चाहिए.
रंधावा ने कहा कि जब हमने वापस ले लिया है -अगर भी 6 साल अच्छा चलते हैं, तो जिन्हें हमने जितनी देर के लिए निकाल दिया था, तो कांग्रेस उनका उससे भी ज्यादा स्वागत करेगी. अगर कोई आया राम गया राम करेगा तो कांग्रेस उसे बर्दाश्त नहीं करेगी, हमने आया राम गया राम बंद कर दिया है जो कांग्रेस का डीएनए है उसे मजबूत करेंगे.
पायलट और गहलोत की पुरानी अदावत को लेकर भाजपा सरकार बार-बार कांग्रेस को गिरने पर रंधावा ने कहा कि आप कैसे कह सकते हैं कि पायलट और गहलोत एकजुट नहीं है .कांग्रेस में हक है हर लीडर को बोलने का और अपनी बात सुनाने का. हर स्टेज पर पायलट गहलोत और हमारे सभी नेता एकजुट है. जब भी हमारी बैठक होती है .आप कभी नहीं सुनेंगे कि हमने एक दूसरे के खिलाफ कोई बात बोली है. कांग्रेस राहुल गांधी जी और खड़गे जी के नेतृत्व में एक है और अगले चुनाव में कांग्रेस अपनी सरकार बनाएगी.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Latest Rajasthan News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!