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Rajasthan News: फैमिली कोर्ट जोधपुर ने एक महिला द्वारा अपने पति से तलाक लेने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पत्नी यह साबित करने में असफल रही कि उसके पति का व्यवहार वैवाहिक जीवन में क्रूरतापूर्ण रहा है या उसने दूसरी शादी की है.
पत्नी ने कोर्ट में बताया कि उसकी शादी धौलपुर जिले के वसाई नवाब निवासी रामवरण से हुई थी. बेटी के जन्म के बाद ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया, जिसके बाद वह जोधपुर में अपनी बहन के पास रहने लगी. बाद में उसका पति भी जोधपुर आकर मजदूरी करने लगा और उनके बेटे का जन्म हुआ. पत्नी ने आरोप लगाया कि पति का व्यवहार हिंसात्मक हो गया और उसने बच्चों को भी प्रताड़ित किया. उसने यह भी दावा किया कि पति ने दूसरी महिला से शादी कर ली है और परिवार को छोड़ कर अलग रहने लगा है.
हालांकि, पति की ओर से न्यायमित्र अधिवक्ता राजेश तापड़िया ने कोर्ट में दलील दी कि पत्नी के आरोप झूठे हैं. असली पीड़ित पति है, जिसे पत्नी ने मारपीट कर घर से निकाल दिया और झूठे मुकदमे दर्ज करवाए. पति आज भी पत्नी के साथ रहना चाहता है और दूसरी शादी का कोई प्रमाण नहीं है. कोर्ट ने यह भी पाया कि पत्नी ने पहले धौलपुर फैमिली कोर्ट द्वारा पारित धारा 9 (सहवास की पुनः स्थापना) के आदेश का भी पालन नहीं किया. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद, न्यायाधीश ने निर्णय दिया कि पत्नी अपने आरोपों को साबित करने में असफल रही, अतः तलाक की याचिका अस्वीकृत की जाती है.