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Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट में बहुचर्चित कांकाणी हिरण शिकार से जुड़ी अपीलों पर अधिवक्ताओं के नाम कॉल लिस्ट में दर्शाने के आदेश के साथ आठ सप्ताह बाद की सुनवाई मुकरर्र की गई है. जस्टिस संदीप शाह की बेंच में राज्य सरकार, सलमान खान व अन्य अपीले सूचीबद्ध हुई थी.
इस दौरान जो मामले जिला अदालत से कोर्ट ऑर्डर से ट्रांसफर होकर आए थे, उनमें अधिवक्ताओं के नाम नहीं दर्शाये जा रहे थे. ऐसे में अधिवक्ताओं ने कोर्ट से आगे की तारीख पर बहस करने एवं नाम दर्शाने का अनुरोध किया जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. कोर्ट ने अब इस मामले में आठ सप्ताह बाद सुनवाई की तारीख निर्धारित की है.
बहुचर्चित कांकाणी हिरण शिकार मामले में सैफ अली खान, नीलम, तब्बू व सोनाली बेंद्रे को बरी करने के खिलाफ सरकार की ओर से पेश लीव टू अपील चल रही है. इस दौरान पिछली सुनवाई पर सरकार की ओर से कहा गया कि इसी मामले में सलमान खान से जुड़ी अपीलें भी हाईकोर्ट में ट्रांसफर हो चुकी हैं.
ऐसे में सभी को एक साथ जोड़कर ही सुनवाई की जाए. कोर्ट के आदेश के बाद जिला अदालत से ट्रांसफर होकर आई सलमान खान व अन्य अपीलों को हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन अभी तक अधिवक्ताओं के नाम नहीं दर्शाये गए थे. दरअसल यह पूरा मामला सलमान खान व अन्य से जुड़ा हुआ है. बहुचर्चित कांकाणी हिरण शिकार का मामला वर्ष 1998 में लूणी थाने में दर्ज किया गया.
मामला 1 और 2 अक्टूबर 1998 को मध्य रात्रि में शिकार के आरोप में सलमान खान, अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, सोनाली बेंद्रे, तब्बू व दुष्यंत सिंह के खिलाफ था. जिसमें सलमान खान के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9/51 सलमान खान को छोड़कर सभी सह आरोपी सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्रे व दुष्यंत को 5 अप्रैल 2018 को बरी कर दिया गया था.
सलमान खान को 5 अप्रैल 2018 को पांच साल की सजा के आदेश दिए गए थे. सजा के खिलाफ सलमान की ओर से जिला एवं सेशन न्यायालय जोधपुर जिला अदालत में अपील पेश करते हुए जमानत पर रिहा हुए थे.
जोधपुर की सीजेएम कोर्ट द्वारा सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेंद्र व दुष्यंत को बरी करने के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में लीव टू अपील पेश की गई थी. जिस पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई विचाराधीन है. इसी दौरान सलमान खान की ओर से पांच साल की सजा को चुनौती देने वाली अपील को हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए एक याचिका पेश की गई थी. जिस पर हाईकोर्ट के आदेश से 21 मार्च 2022 को हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है.
इसके साथ ही सलमान के खिलाफ भी सरकार की एक अपील जो कि ऑर्म्स एक्ट मामला लूणी थाने में 15 अक्टूबर 1998 को ऑर्म्स एक्ट में मुकदमा धारा 3/25 व 3/27 के तहत दर्ज था. उसमें सलमान खान को 18 जनवरी 2017 को सीजेएम ग्रामीण कोर्ट से बरी किया था. सरकार की ओर से जिला जोधपुर में अपील विचाराधीन थी उसको भी हाईकोर्ट में 21 मार्च 2022 को एक आदेश से ट्रांसफर कर दिया गया था.
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