Indian Army War Practice: राजस्थान के थार रेगिस्तान में भारतीय सेना के द्वारा रणनीतिक सैन्य तैयारी की गई है. इस तैयारी में सैनिकों ने सर्जिकल स्ट्राइक के साथ-साथ आतंकी गतिविधियों को खत्म करने की तैयारी की गई.
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Jaisalmer News: थार के रेगिस्तान में सैनिक लड़ाकू हेलिकॉप्टर से जमीन पर उतरे और आतंकियों को खत्म कर वापस हेलिकॉप्टर में अपने ठिकाने की उड़ान भरी. मॉडर्न हथियारों के साथ सर्जिकल स्ट्राइक और आतंकी गतिविधियों को किस तरह से खत्म किया जाए, इसकी प्रैक्टिस की गई. भारत-पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर इन दिनों गरज सुनाई दे रही है. ये गरज किसी तूफान की नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक सैन्य तैयारी की है.
हाई-इंटेंसिटी युद्धाभ्यास
राजस्थान के थार इलाके में भारतीय सेना की दक्षिणी कमांड ने जिस प्रकार से हाई-इंटेंसिटी युद्धाभ्यास की कमान संभाली है, वह न केवल देश को सुरक्षा का नया भरोसा दे रहा है, बल्कि यह भी दर्शा रहा है कि भारत अब युद्ध नहीं चाहता, पर युद्ध के लिए हर क्षण तैयार है. यह अभ्यास सामान्य रूटीन ड्रिल नहीं है, बल्कि एक ऐसा बहुस्तरीय अभ्यास है जिसमें युद्ध के हर पहलू को व्यावहारिक स्तर पर परखा जा रहा है. इस अभ्यास में सेना के चीता और चेतक हेलिकॉप्टर ने हिस्सा लेकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया.
हैलिकॉप्टर रहे सबसे आगे
बॉर्डर की सड़कों पर युद्ध के हालात के प्रदर्शन में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने में सबसे आगे भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर रहे. दरअसल, सीमांत क्षेत्रों में घुसपैठ, ड्रोन हमले, साइबर अटैक और मल्टी-डोमेन वारफेयर एक साथ उत्पन्न हो सकते हैं. ऐसे में भारतीय सेना की तैयारियों का आकलन करना और उन्हें धरातल पर उतारना समय की मांग भी है और चुनौती भी. इस अभ्यास में सेना के टैंक भी शामिल हुए और टारगेट को सफलतापूर्वक नष्ट किया.
सर्जिकल स्ट्राइक की भी एक्सरसाइज
इस दौरान एक खास तरीके की सर्जिकल स्ट्राइक की भी एक्सरसाइज की गई. इस एक्सरसाइज में सैनिकों ने लड़ाकू हेलीकाप्टर से जमीन पर उतरने का अभ्यास किया. इसके साथ ही आतंकियों को खत्म कर वापस हेलीकाप्टर में चढ़कर उड़ान भरी. मॉडर्न हथियारों के साथ सर्जिकल स्ट्राइक और आतंकी गतिविधियों को किस तरह से खत्म किया जाए, इसकी प्रैक्टिस की गई.
तेजी से रेगिस्तान में करते हैं मूव
इस अभ्यास में सेना की टुकड़ियां तेजी से रेगिस्तानी इलाकों में मूव करती हैं, हेलिकॉप्टर सपोर्ट, ड्रोन निगरानी और सैटेलाइट से फीड लेकर लक्ष्य को निष्क्रिय करती हैं. इसके बाद एयर सपोर्ट और आर्टिलरी गन का अभ्यास होता है. यह अभ्यास यह दिखाता है कि अब भारतीय सेना सिर्फ जवाब नहीं देती, बल्कि स्थितियों को नियंत्रण में लेकर निर्णयात्मक बढ़त बनाना जानती है.
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