Jodhpur AIIMS News: जोधपुर के एम्स अस्पताल में देर रात विवाद हो गया. पुलिस एक मेडिकल स्टूडेंट को पकड़ने आई थी, लेकिन एम्स के स्टाफ और छात्रों ने इसका विरोध किया. मामला बढ़ता देख पुलिस ने नोटिस देकर मामले को शांत कराया और वापस लौट गई. जानकारी के अनुसार, नीट परीक्षा में धांधली के आरोप में रिश्तेदार की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की थी. शहर के तीन थानों और चौमू की पुलिस मौके पर पहुंची थी.
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Jodhpur AIIMS News: जोधपुर एम्स में एक मुन्ना भाई एमबीबीएस कर रहा था. उसने साल 2020 में नीट परीक्षा में न केवल अपने रिश्तेदारी में भाई को फर्जी अभ्यार्थी बनाकर नीट की परीक्षा पास की बल्कि उसका चयन एम्स जोधपुर में एमबीबीएस के लिए हो गया. जयपुर के चौमू थाने में उसके खिलाफ़ मुकदमा दर्ज होने के बाद जोधपुर पुलिस ने आरोपी मुन्ना भाई को एम्स अस्पताल से दस्तियाब किया है. अब आरोपी को जयपुर पुलिस अपने साथ चौमू थाने ले जाकर पूछताछ करेंगीं.
रिश्तेदार ने खोलीं पोल.
15 दिन पहले आरोपी एक रिश्तेदार ने जयपुर के चौमूं थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर इस पूरे फर्जीवाड़े की पोल खोल दी.बताया जा रहा है कि जोधपुर पुलिस की मदद से 4 जून की देर रात एम्स के 6 नम्बर छात्रावास में पुलिस ने दबिश देकर इस मुन्ना भाई को हिरासत में लिया है. बताया जा रहा है कि जब पुलिस छात्रावास में पहुंची तो एम्स मेडिकोज ने काफी विरोध व हंगामा किया.
आवेदन पत्र में फोटो रिश्तेदार की लगाई थी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार जयपुर निवासी आरोपी सचिन गोरा ने नीट-2020 के आवेदन करते समय आवेदन पत्र में नाम व पता तो स्वयं का भरा, लेकिन फोटो रिश्तेदार अजीत गोरा का चस्पा कर दिया. इसी कारण जब परीक्षा हुई तो यह डम्मी अभ्यर्थी अजीत गोरा पकड़ा नहीं जा सका.
आज जब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची तो मेडीकल छात्रों ने भारी विरोध व हंगामा किया. जिसके बाद शास्त्रीनगर और भगत की कोठी थाने से अतिरिक्त पुलिस जाप्ता बुलाया गया. इस दौरान एम्स के प्रशासनिक अधिकारी भी कॉलेज हॉस्टल पहुंच गए. पुलिस व एम्स अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद एम्स प्रशासन ने समझाइश की उसके बाद हंगामा खत्म हुआ व आरोपी को दस्तियाब किया गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार जयपुर के चौमूं थाना क्षेत्र निवासी सचिन गोरा व रिश्तेदार अजीत गोरा के खिलाफ करीब 15 दिन पहले उन्ही के एक रिश्तेदार ने ही मुकदमा दर्ज करवाया. मुदकमा दर्ज करवाने वाले परिवादी जो कि आरोपी सचिन गोरा का रिश्तेदार ही है उसका आरोप है कि सचिन गोरा ने नीट-2020 परीक्षा पास की थी, लेकिन उस परीक्षा में सचिन की जगह अजीत गोरा ने डम्मी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी थी. जब परीक्षा का परिणाम आया तब सचिन गोरा उस नीट परीक्षा में उतीर्ण हुआ था. जिसके बाद उसे एम्स जोधपुर में एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्त हो गया था. आरोपी अभी भी वही से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और एम्स के 6 नम्बर छात्रावास में रहता है.बताया जा रहा है कि प्रारंभिक जांच में आरोप साबित होने पर जयपुर पुलिस ने जोधपुर पुलिस की मदद से आरोपी को दस्तियाब किया है.
बासनी थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि जयपुर के चौमू सहायक पुलिस आयुक्त अशोक चौहान ने जोधपुर पुलिस को एक मांग मांग पत्र भेजा. जिसमे प्रकरण संख्या 118/25 में आरोपी सचिन गोरा को दस्तियाब करने के लिए यह मांग पत्र भेजा था. जिस पर कार्रवाई करते हुए जोधपुर पुलिस ने आरोपी को एम्स के हॉस्टल नम्बर से 6 से दस्तयाब कर जयपुर पुलिस को सूचित किया जसके बाद जयपुर पुलिस जोधपुर के लिए रात करीब एक बजे रवाना हुई है. जो आरोपी को अपने साथ जयपुर ले जाकर आगे की कार्रवाई को अंजाम देगी.
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