Rajasthan News: जोधपुर के नागौरी गेट क्षेत्र में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से तीन मंजिला मकान में आग लग गई, जिसमें 14 महीने के हुसैन और साजिया की मौत हो गई और 14 लोग झुलस गए.
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Rajasthan News: जोधपुर शहर के नागौरी गेट क्षेत्र में मियां की मस्जिद इलाके में रहने वाले मोहम्मद साबिर के परिवार में खुशियों का आलम था. घर में मक्का मदीना जाने की तैयारियां चल रही थी और नीचे खाना बन रहा था. किसी को यह पता नहीं था कि खुशियों के बीच हादसा भी हो सकता है. चार दिन पहले यानी की सोमवार को खुशियों के माहौल के बीच ही अचानक एक गैस सिलेंडर में ब्लास्ट होने से तीन मंजिला मकान आग की चपेट में आ गया. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. आगजनी की इस घटना में घर की तीनों मंजिलों में अलग-अलग कमरों में महिला पुरुष एवं बच्चे फंस गए.
परिवार ने बताया कि इस आगजनी में 14 महीने के हुसैन व साजिया की मौत हो गई तो 14 लोग झुलस गए. घटना के चार दिन बाद भी वो मंजर किसी की आंखों से भूलाए नहीं भूला जा सकता. परिजनों ने बताया कि घर के अन्दर प्रवेश के साथ ही आग की घटना हो गई. ऐसे में सभी बाहर आने की बजाय अन्दर की ओर चले गए. उन्हे क्या पता था कि उनके लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाएगा. अन्दर जाने के साथ ही आग भी विकराल हो गई और नीचे की मंजिल के साथ ऊपरी मंजिल तक पहुंच गई. पूरा घर आग की चपेट में आने के साथ ही धुंआ ही धुंआ नजर आने लगा, जिसकी वजह से सभी का दम घुटने लगा. देखते ही देखते 16 जने धुएं की चपेट में आ गए और दम घुटने की वजह से अन्दर ही बेहोश हो गए. घटना के चार दिन बाद आज भी दरकती दीवारें और पत्थर की छत को देख कर परिवार उस मंजर को याद करने के साथ ही आंसू बहा रहा है.
मोहम्मद साबिर ने जी मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरे को घर से फोन आया था, लेकिन मैं घर से बीस किलोमीटर दूर था. मौके पर आया तो अंदर नहीं जाने दिया, लेकिन फिर भी मैंने प्रयास किया तो सात लोगों को अन्दर से बाहर निकाल कर लाया. मेरी बेटी साजिया जो ऊपरी मंजिल में अल्लाह की नमाज अदा कर रही थी, लेकिन उसी दौरान यह घटना होने से वो बेहोश हो गई. साजिया को भी मक्का मदीना जाना था, लेकिन अब रब की मर्जी के आगे किसी की नहीं चलती है.
आगजनी वाले घर के पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद अलताफ ने बताया कि उस दिन को कभी नहीं भूल सकते है, जब आग लगी तो सभी मदद के जुट गए. यहां ना तो हिन्दू था ना ही मुस्लिम सभी ने मिलकर प्रयास किया कि घर के अंदर जो भी उनको बाहर निकालना जरूरी था. ऐसे में कुछ हिन्दू लोगों ने भी पूरी मदद की. सभी ने मिलकर 16 लोगों को बाहर तो निकाल दिया लेकिन फिर भी दो जनों की मौत हो गई है. अब उम्मीद प्रशासन से करते है.
आग का मंजर आज भी घर को देख कर सभी के जेहन में जिंदा है. घर के मुख्य दरवाजे से लेकर अंदर तक आग की चपेट में आने से खंडहर बन गया है. हालांकि, अब परिवार उस घटना के बाद संभलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन रिश्तेदार जो मौके पर थे उनको मलाल है कि आग लगने के साथ ही सभी मिलकर सहयोग कर रहे थे लेकिन जब दमकल मौके पर पहुंची तो आधे अधूरे सामान के साथ उनके पास ना तो मास्क थे ना ही ऑक्सीजन सिलेंडर अन्यथा जल्द ही सभी को बाहर निकाल देते लेकिन सामान नहीं होने से परिवार के साथ आस पड़ोस व रिश्तेदारों ने अपने स्तर पर सभी को बाहर निकालने का प्रयास किया, तो उनका भी दम घुटने लगा. अब उम्मीद करते है कि प्रशासन ने जो घोषणा की है वो समय पर पूरी हो जाए तो परिवार को संबल मिल सके.
तेली कौम के सदर अब्दुल वहीद गजधर ने इस घटना को लेकर कहा कि ऐसा मंजर अल्लाह किसी को ना दिखाए लेकिन घटना की जानकारी मिलने के साथ ही वो मौके पर आए और जितना हो सके उतने प्रयास करने के बाद अस्पताल पहुंचे तो वहा पर शहर विधायक अतुल भंसाली भी पहुंच गए थे. उन्होंने प्रशासन से बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.
बरहाल आग के उस मंजर को भूलना परिवार के लिए आसान नहीं है. आस पडोस व प्रशासन सभी ने मिलकर जितना हो सकता था उतना प्रयास किया, लेकिन कहीं ना कहीं छोटी गलिया और आधे अधूरे सामान की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा. ऐसे में प्रशासन को भी इस हादसे से सबक लेते हुए भविष्य के लिए तैयारियां करनी आवश्यक है अन्यथा बड़ी आगजनी की घटना में ऐसे मंजर नजर आएंगे. घटना के बाद उस परिवार पर क्या गुजरती है वो परिवार ही जाने लेकिन आगजनी में घर तबाह होने के साथ ही किसी की मौत हो जाए तो वह जीवन भर याद रहती है.