Jodhpur News : राजस्थान माध्यमिक बोर्ड का 10वीं का रिजल्ट 93 फीसदी से ज्यादा रहा था, लेकिन जोधपुर के देवातड़ा गांव के सरकारी स्कूल का रिजल्ट इतना खराब रहा कि बच्चों के अभिभावक स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गये.
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Jodhpur News : जोधपुर के देवातड़ा गांव के पीएमश्री राउमावि में राजस्थान में 10 वीं बोर्ड का परिणाम सबसे कम रहने पर ग्रामीणों ने स्कूल का गेट बंद कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. सरपंच लालसिंह सिसोदिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग स्कूल का गेट बंद कर धरने पर बैठ गए .
ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्थान में 10 वीं बोर्ड का रिजल्ट सबसे कम रहा, जबकि राज्य सरकार की ओर से 50 लाख से ज्यादा का सहयोग राशि स्कूल को मिली. इसके साथ ही प्रिंसिपल और सभी स्टाफ के लेट आने को मुद्दा बनाया गया .
दसवीं का परिणाम 42 मे से 30 छात्र फेल हो गए है. मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार खरताराम चौधरी, सीबीईओ अलपुराम टाक, नायब तहसीलदार सुरेश विश्नोई, आरपी भागीरथ कड़वासड़ा की वार्ता करने पहुंचे , लेकिन वार्ता विफल रही.
हो हंगामे के देखते हुए, पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा, लेकिन ग्रामीण पूरे स्कूल के स्टॉफ को हटाने की मांग पर अडे रहे. वही मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने प्रिसिंपल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है.
आपको बता दें कि इस बार राजस्थान 10वीं बोर्ड का रिजल्ट 93.60 फीसदी रहा है. आंकड़ों के हिसाब से पिछले साल 2024 से बेहतर रहा है. जिसमें लड़कियं का पास प्रतिशत 94.08 तो वहीं लड़कों का पास प्रतिशत 93.16 फीसदी रहा.
आपको बता दें कि क10वीं बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33 फीसदी अंक हासिल होने चाहिए जबकि एग्रीमेंट मार्क्स भी कम से कम 33 फीसदी होने चाहिए. जो देवातड़ गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में पूरा नहीं हुआ और रिजल्ट बुरा आया.
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