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Jodhpur News: जोधपुर के कापरड़ा गांव ने वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है. वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान पखवाड़ा के तहत, इस गांव ने पानी की एक-एक बूंद को बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं. कापरड़ा गांव की यह पहल न केवल जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ा रही है, बल्कि अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है.
सरकारी जलापूर्ति पर निर्भरता रहे कम
इस गांव को लेकर एक कहावत थी कि अगर भगवान अगले जन्म में मुझे चिड़िया भी बनाएं तो इसी गांव की बनाना क्यों थी यह कहावत आखिर इस गाव से लोगो को क्यो इतना लगाव है इस खबर को देखने के बाद आप भी समझ जाएंगे तो चलिए लिए चलते हैं जोधपुर के कापरड़ा गांव मेंएक तरफ जहां सरकार वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान पखवाड़ा चला कर वर्षा जल संरक्षण और पेड़ लगाने का अभियान चला रही है वहीं दूसरी तरफ जोधपुर के कई गांव इस अभियान में सरकार का कदम से कदम मिलाकर साथ दे रहे हैं ऐसा ही एक गांव है जयपुर जोधपुर हाईवे पर स्थित
कापरड़ा गांव में ऐतिहासिक तालाब बना है गांव के लोग पानी के महत्व को समझते हैं और कहते हैं कि उन्हें पता है कि पानी की एक-एक बूंद बचाना कितना जरूरी है हालांकि अब सरकारी नल में पानी आना शुरू हो चुका है लेकिन पहले के समय में जब पानी जलापूर्ति नहीं होती थी तो वर्ष पर्यंत पानी आसपास के गांव में भी इसी तालाब से ले जाया जाता था.
अब गांव के लोग इस तालाब के पानी का पूरी तरीके से संरक्षण कर रहे हैं और एक-एक बूंद पानी की बचा रहे हैं कापरड़ा, ओलवी और आसपास के कई और गांव इस तरीके से जल संरक्षण में सरकार का पूरा सहयोग कर रहे हैं और आज यहां सर्दियों के मौसम में हजारों साइबेरियन क्रेन आती है और इलाके में पर्यटक भी बढ़ रहा है साथ ही गांव के लोगों ने पेड़ लगाकर शपथ ली ले रहे हैं कि वो अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके.
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