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Veer Durgadas Rathore : वीरता, स्वामिभक्ति और देशप्रेम के प्रतीक वीर दुर्गादास राठौड़ की 387वीं जयंती पर जोधपुर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया. मसूरिया पहाड़ी स्थित वीर दुर्गादास राठौड़ की अश्वारोही प्रतिमा पर पूजा-अर्चना और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.
इस आयोजन का नेतृत्व वीर दुर्गादास राठौड़ स्मृति समिति के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह तँवर ने किया. समारोह में पूर्व महाराजा गज सिंह ने स्वयं पूजा अर्चना कर वीर दुर्गादास को नमन किया और उनकी स्वामिभक्ति तथा राष्ट्रसेवा के योगदान को याद किया. इस मौके पर शहर के गणमान्य नागरिकों और अतिथियों ने भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की.
उल्लेखनीय सेवाओं के लिए मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होने वाले ‘मारवाड़ रत्न सम्मान समारोह’ में 18 प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा. यह कार्यक्रम आज शाम 5:30 बजे प्रारंभ होगा और पूर्व महाराजा गज सिंह के सान्निध्य में संपन्न होगा.
Veer Durgadas Rathore | कौन थे वीर दुर्गादास राठौड़
दुर्गादास राठौड़ का जन्म 13 अगस्त 1638 को मारवाड़ रियासत के सालवा गांव में हुआ था. उनके पिता का नाम आसकरण राठौड़ था. दुर्गादास के पिता आसकरण राठौड़ जोधपुर दरबार में महाराजा जसवंत सिंह के यहां मंत्री थे. वीर दुर्गादास राठौड़ ने अपने साहस और वीरत के चलते राजदरबार में अपनी अहम जगह बना ली थी. महाराजा जसवंत सिंह की मृत्यु के बाद औरंगजेब की जोधपुर रियासत पर कब्जे की कोशिश को भी वीर दुर्गादास राठौड़ ने नाकाम किया. यहां तक की अपनी कूटनीति के चलते औरंगजेब की नींद उड़ा दी थी.
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