&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Jodhpur News: सोनम वांगचुक को लेह लद्दाख से विशेष विमान से कड़ी सुरक्षा के बीच जोधपुर लाया गया है. सोनम वांगकुच वर्ष 2019 में इसी सितंबर के महीने में एक निजी कार्य के चलते जोधपुर आए थे. ठीक 6 वर्षों बाद सोनम वांगचुक को कड़ी सुरक्षा के बीच जोधपुर लाया गया. एयर फोर्स स्टेशन से सेंट्रल जेल तक की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई.
पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश स्वयं साथ रहे. सोनम वांगचुक को तकरीबन एक दर्जन पुलिस की गाड़ियों के साथ बकतर बंद गाड़ी में लाया गया. सोनम वांगचुक के जीवन पर हिंदी फिल्म 3 ईडियट्स फिल्माई गई थी.
बता दें कि जोधपुर की जिस जेल के बाहर आमतौर पर सन्नाटा पसरा रहता है, वहां बुधवार को गहमागहमी का माहौल था. पुलिस फोर्स की तैनाती से साफ हो रहा था कि मामला बेहद खास है. दरअसल, लद्दाख को स्वतंत्र राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को लद्दाख पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद लेह एयरपोर्ट पर औपचारिकताएं पूरी की गईं और उन्हें स्पेशल फ्लाइट से जोधपुर लाया गया.
जोधपुर पहुंचने पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उन्हें जेल ले जाया गया और उच्च सुरक्षा वार्ड में रखा गया. उनकी मेडिकल जांच भी की गई है. फिलहाल जेल में 24 घंटे सुरक्षा और CCTV निगरानी जारी है.
लेह से गिरफ्तारी और प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बड़ा कदम
जानकारी के अनुसार, सोनम वांगचुक बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे लेह में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे. बाद में आयोजकों को पता चला कि पुलिस ने उन्हें उनके गांव उल्याकटोपो से हिरासत में ले लिया है. पुलिस की इस कार्रवाई का नेतृत्व डीजी एसडी सिंह जमवाल ने किया.
आंदोलन और सरकार का रुख
लद्दाख में स्टेटहुड और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर 35 दिन से अनशन चल रहा था, जिसकी अगुवाई सोनम वांगचुक कर रहे थे. यह आंदोलन अब हिंसक मोड़ ले चुका है. माना जा रहा है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार ने वांगचुक को गिरफ्तार कर लद्दाख से बाहर भेजने का फैसला लिया.
स्थानीय नेताओं का रिएक्शन
लेह एपेक्स बॉडी के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने कहा कि हाल की हिंसा युवाओं के नियंत्रण खो देने की वजह से हुई थी और इसमें किसी विदेशी हाथ का हस्तक्षेप नहीं था. उन्होंने न्यायिक जांच की मांग की और आरोप लगाया कि पुलिस व सीआरपीएफ ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चेतावनी गोली नहीं चलाई बल्कि सीधे फायरिंग की.
लेह में कर्फ्यू और इंटरनेट बंद
वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है. प्रशासन ने पांच से अधिक लोगों के जुटने पर रोक लगाई है. सुरक्षा कारणों से लेह जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
हिंसा का असर
बता दें कि लद्दाख में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और 90 से अधिक लोग घायल हुए हैं. शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ यह आंदोलन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, जिसने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और राजनीति को प्रभावित कर दिया है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan Newsऔर पाएं Jodhpur Newsकी हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!