लघु उद्योग भारती ने GST में बड़े परिवर्तन का किया स्वागत, कहा- आम आदमी को मिलेगी राहत

Rajasthan News: GST काउंसिल के बैठक में जीएसटी में बड़ी रियायत के बाद में अब लघु उद्योग भारती ने इस बदलाव का स्वागत किया है. सबसे बड़ी बात है कि इस बार मध्यम वर्ग को छूने का प्रयास किया गया है.

लघु उद्योग भारती ने GST में बड़े परिवर्तन का किया स्वागत, कहा- आम आदमी को मिलेगी राहत
Image Credit: Rajasthan News

Rajasthan News: GST काउंसिल के बैठक में जीएसटी में बड़ी रियायत के बाद में अब लघु उद्योग भारती ने इस बदलाव का स्वागत किया है. सबसे बड़ी बात है कि इस बार मध्यम वर्ग को छूने का प्रयास किया गया है. लघु उद्योग भारती की ओर से बताया गया कि अब GST के 4 की जगह केवल दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होंगे. इससे आम जरूरत की चीजें जैसे साबुन, शैंपू के साथ AC, कार भी सस्ते होंगे.

GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को इसकी जानकारी दी है. वहीं लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चोपड़ा ने बताया कि वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि दूध, रोटी, पराठा, छेना समेत कई फूड आइटम GST फ्री होंगे. वहीं इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर भी टैक्स नहीं लगेगा.

Add Zee News as a Preferred Source

33 जीवन रक्षक दवाएं, दुर्लभ बीमारियों और गंभीर बीमारियों के लिए दवाएं भी टैक्स फ्री होंगी. लग्जरी आइटम्स और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अब 28 प्रतिशत की जगह 40 प्रतिशत GST लगेगा. मध्यम और बड़ी कारें, हमें उम्मीद है कि इस परिवर्तन के बाद में अब जीएसटी कलेक्शन में वृद्धि होगी. लघु उद्योग भारती के अन्य पदाधिकारी ने बताया कि नए स्लैब नवरात्रि के पहले दिन, यानी 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे.

खुशी है कि GST काउंसिल ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसमें GST दरों में कटौती और कई सुधार शामिल हैं. इससे आम जनता, किसान, MSME, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा सभी को फायदा होगा. ये बड़े बदलाव हमारे नागरिकों की जिंदगी को बेहतर बनाएंगे और कारोबार करना आसान करेंगे. खासकर छोटे व्यापारियों और व्यवसायों को मदद मिलेगी.

जीएसटी 2.0 का मकसद टैक्स ढांचे को सरल बनाना, आम लोगों पर टैक्स का बोझ कम करना और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना है. इसके अलावा, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को ठीक करना है. इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर तब होता है जब कच्चे माल पर जीएसटी की दर तैयार उत्पाद से ज्यादा होती है. इससे उत्पादन महंगा हो जाता है, क्योंकि निर्माता को कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स देना पड़ता है, लेकिन तैयार माल पर कम टैक्स मिलता है.

आम आदमी के अनुसार बात करें, तो ये बदलाव आपकी जेब पर बोझ कम करेंगे. रोज के सामान, खाने की चीजें और छोटी गाड़ियां सस्ती हो जाएंगी. व्यक्तिगत, परिवार, और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य बीमा पर 18 प्रतिशत टैक्स हट गया है. इससे बीमा लेना सस्ता होगा और ज़्यादा लोग इसे ले सकेंगे.

राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएंJodhpur Newsहर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!

ट्रेंडिंग न्यूज़

About the Author

Aman Singh

Aman Singh

अमन सिंह को डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव है और वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. वे राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं और उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अच्छे तरीके से प्रस्तुत करने में सक्षम हैं. करीब 3 साल के डिजिटल मीडिया अनुभव के साथ अमन ने न्यूज़ प्रोडक्शन, कंटेंट क्रिएशन और स्टोरीटेलिंग में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
Read More