Rajasthan News: सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने जैसलमेर कलेक्टर पर भ्रष्टाचार, सीलिंग एक्ट उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए पूछा कि सरकार आरोपों पर चुप क्यों है?
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Rajasthan News: सीमावर्ती जैसलमेर जिले में प्रशासनिक भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों को लेकर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मुख्य सचिव सहित केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. सांसद ने आरोप लगाया है कि जिले के कलेक्टर पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बार-बार भ्रष्टाचार, कॉर्पोरेट कंपनियों के हित में कार्य करने, और संवेदनशील भूमि के अवैध हस्तांतरण जैसे गंभीर आरोप लगने के बावजूद राज्य सरकार मौन और मेहरबान बनी हुई है.
सांसद बेनीवाल ने सवाल उठाया कि जैसलमेर जैसे संवेदनशील सीमावर्ती जिले में उस जिला कलेक्टर को क्यों नियुक्त रखा गया है, जिस पर स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों ने सीलिंग एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, किसानों की जमीन का शोषण पूर्व अधिग्रहण और रक्षा मंत्रालय की भूमि को निजी कंपनियों को सौंपने जैसे आरोप लगाए हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में पोकरण के एसडीएम प्रभजोत सिंह गिल और हाल ही में तहसीलदार विश्व प्रकाश चारण द्वारा जिला कलेक्टर प्रताप सिंह पर गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं. इसके बावजूद सरकार ने दोषी कलेक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि ईमानदारी से कार्य कर रहे उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को एपीओ व निलंबित कर दिया गया.
अब तहसीलदार, पोकरण ने भी उनके विरुद्ध रक्षा मंत्रालय की भूमि के अवैध नामांतरण, आगोर, गोचर भूमि, परम्परागत जल स्रोत तालाबों, आबादी, ओरण और सरकारी भूमियों को कॉर्पोरेट कंपनियों को सौंपने तथा सरकारी आदेशों की अवहेलना जैसे मामलों में सीधा आरोप लगाया है. बेनीवाल ने कहा कि जब प्रशासन के भीतर से ही अधिकारी एक जिला कलेक्टर पर सवाल उठाते हैं, तो यह सिर्फ़ आंतरिक मतभेद नहीं, बल्कि पूरे तंत्र में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार और पक्षपात का संकेत है.
सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अपील की कि जैसलमेर जिले में सीलिंग एक्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों एवं रक्षा मंत्रालय से जुड़ी जमीनों के आवंटन जैसे अत्यंत गंभीर प्रकरणों की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए. साथ ही उन्होंने पूर्व में बाड़मेर जिले के गडरा रोड और रामसर क्षेत्र में कार्यरत उपखंड अधिकारी अनिल जैन द्वारा भी कथित रूप से सीलिंग एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर बाहरी व संदिग्ध व्यक्तियों को भूमि बेचान के प्रकरण सामने आए थे. इनकी भी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है. बेनीवाल ने चेताया कि यदि इन मामलों में शीघ्र व सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनेगा, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था की साख पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करेगा.
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