फर्जी आंकड़ों से बना राजस्व गांव ''राईकाबाग'', हाईकोर्ट की सख्ती से खुली पोल

Jodhpur News: जोधपुर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने एक अहम फैसला करते हुए भोपालगढ़ क्षेत्र में बनाए गए नए राजस्व ग्राम ''राईकाबाग'' की अधिसूचना को निरस्त करने का निर्णय लिया है.

फर्जी आंकड़ों से बना राजस्व गांव ''राईकाबाग'', हाईकोर्ट की सख्ती से खुली पोल
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Jodhpur News: राजस्थान के जोधपुर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने एक अहम फैसला करते हुए भोपालगढ़ क्षेत्र में बनाए गए नए राजस्व ग्राम ''राईकाबाग'' की अधिसूचना को निरस्त करने का निर्णय लिया है. प्रशासन ने माना है कि कागजों में दिखाई गई जनसंख्या और मौके की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है.

जांच में जनसंख्या के मानक पूरे नहीं होने के कारण तहसीलदार द्वारा संशोधित नाम ''रूपनगर'' के साथ भेजा गया प्रस्ताव भी प्रभावी रूप से खारिज हो गया है. कलेक्टर ने अब राज्य सरकार (राजस्व विभाग) को पत्र भेजकर 28 मार्च 2025 की अधिसूचना को औपचारिक रूप से रद्द करने की सिफारिश कर दी है.

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फर्जी आंकड़ों की बुनियाद पर बना था गांव

मामला भोपालगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत रड़ौद का है. राज्य सरकार ने 28 मार्च 2025 को एक अधिसूचना जारी कर मूल राजस्व ग्राम ''गोपाल नगर'' से अलग करके ''राईकाबाग'' को नया राजस्व ग्राम घोषित किया था. इस अधिसूचना में नए गांव की जनसंख्या 387 बताई गई थी. ग्रामीण शिवकरण ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि यह गांव राजनीतिक प्रभाव में नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया है और जनसंख्या के आंकड़े झूठे हैं.

हाईकोर्ट पहले एकल पीठ ने फिर खंडपीठ ने दिए निर्देश याचिकाकर्ता के वकील श्रवण दास वैष्णव ने बताया कि हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता की कोर्ट ने 23 मई 2025 को ही राईकाबाग के गठन की अधिसूचना को विधि विरुद्ध मानते हुए रद्द कर दिया था.

कोर्ट ने कहा था कि सरकार चाहे तो नियमों के तहत दूसरे नाम से गांव बना सकती है. इसके बाद मामला खंडपीठ में पहुंचा. 1 जुलाई 2025 को जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि जिला कलेक्टर ग्रामीणों की आपत्तियां सुनें और जांच कर यह तय करें कि नया गांव नियमों के तहत बन सकता है या नहीं...

150 लोगों पर कैसे बनेगा गांव ?

हाईकोर्ट के निर्देश पर कलेक्टर ने तहसीलदार भोपालगढ़ से मौका रिपोर्ट मांगी. इस जांच में प्रशासन के दावों की पोल खुल गई. अधिसूचना में राईकाबाग की जनसंख्या 387 बताई गई थी. तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में माना कि मौके पर जनसंख्या केवल 150 है. 2011 की जनगणना के आधार पर तो यह आंकड़ा महज 108 ही था. रूपनगर का प्रस्ताव भी फेल.

जांच के दौरान तहसीलदार ने सुझाव दिया था कि गांव का नाम ''राईकाबाग'' की जगह ''रूपनगर'' कर दिया जाए और 150 की जनसंख्या पर ही इसे मान्यता दे दी जाए, लेकिन राजस्व ग्राम के गठन के लिए तय मापदंडों (न्यूनतम जनसंख्या व क्षेत्रफल) को यह प्रस्ताव पूरा नहीं कर सका.

अधिसूचना रद्द करने की सिफारिश

जिला कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट के आधार पर माना कि जब जनसंख्या ही पर्याप्त नहीं है, तो नया राजस्व ग्राम नहीं बनाया जा सकता. कलेक्टर ने याचिकाकर्ता शिवकरण के अभ्यावेदन को स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि 28 मार्च 2025 की अधिसूचना को निरस्त किया जाए. इस संबंध में प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग को पत्र भेजकर अधिसूचना रद्द करने की सिफारिश की गई है.

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Aman Singh

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अमन सिंह को डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव है और वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. वे राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर पैनी नजर रखते हैं और उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अच्छे तरीके से प्रस्तुत करने में सक्षम हैं. करीब 3 साल के डिजिटल मीडिया अनुभव के साथ अमन ने न्यूज़ प्रोडक्शन, कंटेंट क्रिएशन और स्टोरीटेलिंग में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
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