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Rajasthan News: जोधपुर ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार जोधपुर आए केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम की घटना में आतंकवादियों ने धर्म पूछकर मारा लेकिन हमारी सेना ने उनके कर्म देखकर उनको दंड दिया है. केन्द्रीय मंत्री सिंह लालसागर स्थित हवनतसिंह आदर्श विद्या मंदिर प्रांगण में आदर्श डिफेंस एवं स्पोर्ट्स एकेडमी के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे.
उन्होने राजस्थान की वीर भूमि को नमन करते हुए कहा कि यहां की मिट्टी में शौर्य और पराक्रम बसता है. उन्होंने महाराणा प्रताप, वीर दुर्गादास राठौड़, बप्पा रावल और पन्नाधाय जैसे वीरों का स्मरण किया, वहीं भक्त शिरोमणि मीराबाई, धन्ना भगत और पीपा भगत का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि “राणा की शक्ति, मीरा की भक्ति, पन्नाधाय की युक्ति और भामाशाह की संपत्ति ही राजस्थान की पहचान है.” केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि स्वाधीनता को सर्वोच्च मानने वाले इस देश के बेटों-बेटियों ने हमेशा राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर किया है. उन्होंने विद्या भारती संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि यहां बच्चों को सिर्फ शिक्षा ही नहीं बल्कि अच्छे संस्कार और चरित्र भी दिए जाते हैं.
यही संस्था बच्चों के तन, मन, बुद्धि और आत्मा का समग्र विकास कर रही है. इंद्रियों के सुख के लिए धन, बुद्धि के लिए ज्ञान और आत्मा के लिए भगवान चाहिए. राष्ट्र के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिए चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह और खुदीराम बोस जैसे क्रांतिकारियों ने हंसते-हंसते फांसी को गले लगाया.
रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा का स्वरूप बदला है. इंटरनेट ने शिक्षा को नई दिशा दी है. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत इच्छा शक्ति की सराहना करते हुए कहा कि यह बदलाव दशकों की मेहनत का परिणाम है. रक्षा मंत्री सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब दुनिया गुफाओं में रहती थी, तब भारत में भरत मुनि ने नाट्यशास्त्र लिखा, महर्षि चरक व सुश्रुत ने चिकित्सा शास्त्र की खोज की और आज हमारे वैज्ञानिक अंतरिक्ष में प्रयोग कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में बच्चों का केवल शैक्षणिक ही नहीं बल्कि शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास भी होगा. यहां से निकले विद्यार्थी सेना में देश की सेवा करेंगे, विज्ञान और तकनीक में शोध करेंगे और खेलों में देश का नाम रोशन करेंगे. यह विद्यालय न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में गौरव का प्रतीक बनेगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि 22 अप्रेल को हुई घटना के बाद 23 अप्रेल को हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने सेनाओं से केवल एक ही सवाल पूछा – “क्या आप लोग ऑपरेशन के लिए तैयार हैं?” इस पर तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने मुठ्ठी बांधकर एक स्वर में सहमति जताई. प्रधानमंत्री ने आवश्यक निर्देश दिए और जो लक्ष्य तय किया गया था, उस पर हमारी सेनाओं ने सटीक निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की कायराना हरकत का सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया और इस अभियान को अंजाम देकर करिश्मा कर दिखाया.
रक्षा मंत्री ने राजस्थान की सुरक्षा बलों का भी आभार जताते हुए कहा कि इस ऑपरेशन में बीएसएफ, एयरफोर्स और अन्य सभी सुरक्षा एजेंसियों का पूरा सहयोग मिला. संबोधन के दौरान सिंह ने कहा कि भारत की पहचान “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना है. लेकिन आतंकियों ने हमेशा धर्म देखकर निर्दोषों की हत्या की. जबकि हमारी सेनाओं ने कभी धर्म देखकर नहीं बल्कि उनके कर्म देखकर जवाब दिया. यही भारत की असली सोच और शक्ति है.
इससे पूर्व केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सबके सहयोग से इस परियोजना का सपना साकार हुआ है आज यह परियोजना का पहला चरण पूरा हुआ है. यह केवल एक भवन का लोकार्पण नही है अपितु अवसर,अनुशासन व राष्ट्र सेवा के द्वार खोलने का समय है. उन्होने कहा जोधपुर एम्स में भी पश्चिमी राजस्थान से कई मरीज व परिजन आते है लेकिन उनके ठहरने के लिए भवन नही है ऐसा भवन वहा पर भी बनाने की योजना है.
समारोह से पूर्व रक्षा मंत्री राजनाथसिंह व केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने आदर्श डिफेंस एवं स्पोर्ट्स अकादमी का उद्घाटन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. शिलालेख का लोकार्पण किया, भोजनशाला का निरीक्षण किया तथा कॉन्फ्रेंस हॉल का अवलोकन किया. कार्यक्रम स्थल पर रक्षा मंत्री सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया.
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,केन्द्रीय पर्यटन गजेन्द्रसिंह शेखावत, मार्ग दर्शन यतीन्द्र शर्मा विद्याभारती अ भा सह संगठन मंत्री,राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, केबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल भामाशाह आर के दम्मामी की पुत्री मधु चंडक,जीव जन्तु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष जसवंतसिंह बिश्नोई, डॉ. निर्मल गहलोत सहित कई गणमान्य नागरिकों ने साफा, श्रीफल, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया.