पहले वनवास अब इच्छा , राजे के इन शब्दों के क्या है मायने ?

Vasundhara Raje : वसुंधरा राजे कुछ कहें और उसके सियासी मायने ना निकाले जाएं ये हो नहीं सकता है, पहले धौलपुर में वनवास पर और अब जोधपुर में इच्छाओं पर दिया बयान चर्चा में है...

पहले वनवास अब इच्छा , राजे के इन शब्दों के क्या है मायने ?
Image Credit: Vasundhara Raje

Vasundhara Raje : ज्यादा दिन नहीं हुए जब वसुंधरा राजे ने कहा था कि वनवास सिर्फ भगवान श्रीराम की जिंदगी का ही हिस्सा नहीं है, हर इंसान के जीवन में कहीं ना कहीं वो वनवास आ ही जाता है. अब राजे इच्छाओं की बात कह रही हैं. राजस्थान की पूर्व सीएम ने जोधपुर में कहा कि प्रभु के चरणों में शीश नवाते हैं तो मन की इच्छाएं पूरी होती है.

पहले वसुंधरा राजे ने क्या कहा था.

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राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने धौलपुर में कहा था कि आजकल की दुनिया बड़ी अजीब है, जिसको अपना समझा है, वो पराया भी हो जाता है, लेकिन अपने परिवार के लिए हर किसी की एक ड्यूटी होती है. ऐसे वक्त में परिवार की बहू-मां- बेटी को अपना अपना काम करना पड़ता है. राजे ने कहा था कि वनवास सिर्फ भगवान श्रीराम की जिंदगी का ही हिस्सा नहीं है, हर इंसान के जीवन में कहीं ना कहीं वो वनवास वो वनवास आ ही जाता है पर आता है तो वो जाता भी है. राजे ने कहा था कि राजमी ने हमें धैर्य सिखाया है.

अब जोधपुर में बाबा रामदेव के दरबार से मेरी यात्रा की शुरूआत और इच्छाओं की एक ना एक दिन पूर्ति की बात अपने संबोधन में करना, इसके कई सियासी मायने लगाये जा सकते हैं. जैसे - राजे समर्थक मानते हैं कि लंबे वक्त से राजे को पार्टी में वो जगह नहीं मिल पायी है, जिसकी वो हकदार है. वनवास को वसुंधरा राजे के सियासी वनवास और अब इच्छाओं के पूरा होने को लेकर दिया बयान राजे के राजनीतिक भविष्य को लेकर कम से कम समर्थकों के बीच तो आशा की किरण जगा सकता है.

हालांकि वसुंधरा राजे कुछ कहें और उसके सियासी मायने ना निकाले जाएं ये हो नहीं सकता है, आपको क्या लगता है. कमेंट करें और बताएं.

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Pragati Pant

प्रगति अवस्थी, एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेट मास्टर मानी जाती है, जो रीजनल खबरों की संभावनाओं और उसे एक नए आयाम तक पहुंचाना बखूबी जानती है. इलेक्ट्रोनिक मीडिया में 12 से ज्यादा साल के अनुभव के बाद डिजिटल मीडिया की बारीकियों और यूजर्स की पसंद ना पसंद के मुताबिक खबरों को ढाल देना इनकी खूबी है. ज़ी राजस्थान डिजिटल में चीफ सब एडिटर, प्रगति अवस्थी, फर्स्ट इंडिया न्यूज और ईटीवी में सीनियर पदों पर काम कर चुकी हैं.