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Meet Joslyn Nandita Chaudhary : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूएसयू) के आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस की छात्र शाखा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने अपनी पूरी पैनल की घोषणा कर दी है. संगठन ने अध्यक्ष पद के लिए जोसलीन नंदिता चौधरी का नाम तय किया है, जो 17 वर्षों बाद किसी महिला को इस प्रमुख भूमिका के लिए चुना जाना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इसके अलावा, उपाध्यक्ष पद पर राहुल झांसला, सचिव पद पर कबीर और संयुक्त सचिव पद पर लवकुश भड़ाना को नामित किया गया है. एनएसयूआई का दावा है कि यह पैनल छात्रों के प्रगतिशील मुद्दों पर केंद्रित रहेगा, जिसमें शिक्षा, सुरक्षा और समावेशी प्रतिनिधित्व शामिल हैं.
जोसलीन नंदिता चौधरी, एक उभरती हुई छात्र नेता
अध्यक्ष पद की दावेदार जोसलीन नंदिता चौधरी मात्र 23 वर्ष की युवा हैं, जो राजस्थान के जोधपुर जिले के पाल गांव की मूल निवासी हैं. वे दिल्ली विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन में एमए कर रही हैं. 2019 से एनएसयूआई से जुड़ी हुईं जोसलीन ने अब तक महिला सशक्तिकरण, कैंपस सुरक्षा और छात्रों के अधिकारों जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है. संगठन के अनुसार, उनकी उम्मीदवारी न केवल महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन देगी, बल्कि डीयूएसयू में लंबे समय बाद महिला अध्यक्ष का सपना साकार करने की दिशा में मजबूत कदम साबित होगी. अंतिम बार 2008 में किसी महिला ने इस पद पर कब्जा किया था.
किसान परिवार से छात्र राजनीति की ओर सफर
जोसलीन का पारिवारिक पृष्ठभूमि साधारण किसान परिवार से जुड़ी हुई है. उनके पिता खेती-बाड़ी से जुड़े हैं, जबकि मां घर संभालती हैं. इस ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर वे दिल्ली जैसे बड़े केंद्र में छात्र राजनीति में अपनी पहचान बना रही हैं. एनएसयूआई में उनके योगदान ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, जहां वे छात्रों की वास्तविक समस्याओं को उठाने के लिए जानी जाती हैं.
सोशल मीडिया पर जोरदार स्वागत और पारिवारिक उत्साह
उम्मीदवारों की घोषणा के तुरंत बाद जोसलीन सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग बन गईं. ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सैकड़ों पोस्ट उनके समर्थन में उमड़ पड़े, जहां युवा उन्हें बधाई दे रहे हैं और प्रेरणा का स्रोत बता रहे हैं. उनके पैतृक गांव पाल में भी खुशी की लहर दौड़ गई है. परिवार के घर पर ग्रामीणों और समर्थकों की भीड़ लग गई, जो शुभकामनाएं देने पहुंचे. यह उत्साह राजस्थान की जीवंत राजनीतिक संस्कृति को दर्शाता है.
राजस्थान की विरासत और डीयूएसयू में नई उम्मीदें
राजस्थान हमेशा से छात्र राजनीति का गढ़ रहा है, जहां से अशोक गहलोत जैसे प्रमुख नेता उभरे हैं. जोधपुर की इस बेटी की उम्मीदवारी राज्य की इस परंपरा को दिल्ली तक पहुंचाने का प्रतीक है. चुनावी मैदान में चुनौतियां भले ही कठिन हों, लेकिन जोसलीन की मेहनत और एनएसयूआई की रणनीति से छात्र समुदाय में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है. सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या वे इतिहास रच पाएंगी.