जोधपुर: वन्य जीवों की सुरक्षा देने वाले ए ग्रेड रेंजर्स के 400 पद खाली, सरकार बेफिक्र

 प्रदेश के वन विभाग द्वारा महज 28 प्रथम श्रेणी के रेंजर के भरोसे राजस्थान के वन्य जीवों की सुरक्षा की जा रही है.

जोधपुर: वन्य जीवों की सुरक्षा देने वाले ए ग्रेड रेंजर्स के 400 पद खाली, सरकार बेफिक्र
दरअसल प्रदेश में ए ग्रेड रेंजर के पदों की संख्या 428 है

जोधपुर: वैसे तो सरकार और वन विभाग लोगों में पर्यावरण और वन्य जीवो के प्रति जागरूकता लाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करती रहती है. लेकिन पिछले 5-7 साल से अधिकारियों की कमी के चलते वन विभाग के कामकाज पर भी काफी असर हो रहा है. प्रदेश के वन विभाग द्वारा महज 28 प्रथम श्रेणी के रेंजर के भरोसे राजस्थान के वन्य जीवों की सुरक्षा की जा रही है. जबकि प्रदेश में 400 ए ग्रेड रेंजर्स के पद खाली है. जिसको लेकर वन्य जीव प्रेमी सरकार से खासे नाराज दिख रहे हैं. 

राजस्थान का जोधपुर वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र होने और यहां ए ग्रेड का सिर्फ 1 रेंजर होने से वन विभाग के कार्य पर काफी असर पड़ रहा है, और तो और अधिकारियों की कमी के चलते शिकारियों के हौसले इतने बुलंद है कि उन्हें मुकदमों से भी डर नहीं लगता.

दरअसल प्रदेश में 428 ए ग्रेड रेंजर के पदों की संख्या है लेकिन उसमें से सिर्फ 28 ए ग्रेड रेंजर ही अभी कार्य कर रहे हैं. जिससे वन विभाग के कामकाज पर काफी असर पड़ रहा है. ज्यादातर वन्यजीव ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और जब भी कभी शिकार होता है तो ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं. उसके बाद शिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. 

ए ग्रेड रेंजर होने पर उन्हें कानून की बारीकियों के साथ साथ वाइल्ड लाइफ शेड्यूल के जानवरों का पता रहता है और वे सही ढंग से मुकदमा दर्ज करते हैं. जिससे कोर्ट में शिकारियों को राहत नहीं मिल पाती है. लेकिन इन दिनों ए ग्रेड रेंजर की कमी के कारण से मुकदमों की पैरवी और रिपोर्ट सही ढंग से दर्ज नहीं होने के कारण से शिकारियों के हौसले बुलंद है और उन्हें जल्द ही अदालतों से जमानत मिल जाती है. 

वन विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि अभी आने वाले 3 सालों तक वन विभाग को ए ग्रेड रेंजर मिलने की संभावना कम है जिससे वन विभाग का काम भी सफर हो रहा है. वहीं वन्यजीवों के लिए करीब 20 साल से कार्य करने वाली संस्था के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल भवाद का मानना है कि आज के आधुनिक तौर तरीकों से विभाग को अपग्रेड होने की आवश्यकता है. जिसके कारण जल्द से जल्द ए ग्रेड के रेंजरो को नियुक्त करना चाहिए जिससे शिकारी के हौसले पस्त हो सके. वर्तमान में ए ग्रेड रेंजर नहीं होने के कारण से वन्य शिकारियों के ऊपर सही ढंग से एफ आई आर दर्ज नहीं हो पाती है और इन्वेस्टिगेशन में भी कहीं ना कहीं कमी रह जाती है.

जिसके कारण शिकारियों को अदालत से राहत मिल जाती है और इससे शिकारियों के हौसले बुलंद हो जाते हैं. जबकि सक्षम रेंजर होने से सही ढंग से मामले दर्ज होने के साथ-साथ शिकारियों को उनके अंजाम तक भी पहुंचाया जाता है. पहले भी सक्षम अधिकारी होने के कारण से आज तक सलमान खान सहित अन्य आरोपियों को राहत नहीं मिल पाई है.  इसलिए सरकार को वन्य जीवों की रक्षा करने के लिए और पर्यावरण को बचाने के लिए जल्द से जल्द ए ग्रेड के रेंजर की नियुक्ति का रास्ता साफ करना चाहिए. जिससे शिकारियों पर अंकुश लग सके और वन्य जीव एवं पर्यावरण को बचाया जा सके.