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जैसलमेर में दिख रहा है अलग नजारा, टैंक के धमाकों की आवाज, उड़ती रेत और...

भारत पाकिस्तान सीमा पर स्थित जैसलमेर में इन दिनों 8 देशों की सेनाएं वॉर गेम के दौरान संयुक्त अभ्यास कर रही हैं.

जैसलमेर में दिख रहा है अलग नजारा, टैंक के धमाकों की आवाज, उड़ती रेत और...
शेष चार स्टेज की प्रतियोगिताएं अभी बाकी है.

मनीष रामदेव, जैसलमेर: राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में लगातार हो रही बख्तरबंद गाड़ियों की आवाजाही और टैंकों से निकलते गोलों के धमाकों के साथ फिजां में उड़ता रेत व धुएं का गुबार दिख रहा है. इसके साथ ही कृत्रिम रूप से बनी पानी की झील और दुर्गम रेगिस्तान के टीलों के बीच से बख्तरबंद गाडियों में सैनिकों का दुश्मनों के इलाके में प्रवेश कर हर गतिविधियों की जानकारी एकत्र कर अपनी सेना को दे रही है.

जी हां, ये नजारा है भारत पाक सीमा से सटे जैसलमेर जिले के आर्मी कैंट का. इन दिनों यहां पर स्काउट मास्टर प्रतियोगिता के तहत 8 देशों की सेनाएं वॉर गेम के दौरान संयुक्त अभ्यास कर रही है.

दो स्टेज की प्रतियोगिता हो चुकी आयोजित
5 अगस्त से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में पांच स्टेज में से अबतक दो स्टेज की प्रतियोगिता का आयोजन हो चुका है. जिसमें पहले स्टेज में भारतीय सेना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है. वहीं, शेष चार स्टेज की प्रतियोगिताएं अभी बाकी है. जिसको जीतने के लिए सभी 8 देशों की सेनाएं अपना पूरा जोर लगा रही है. 

चीन और रूस की सेना भी ले रही भाग
रूस और चीन जैसी बड़ी सैन्य शक्तियां सहित 8 देशों की सेनाएं पश्चिमी राजस्थान के रेत के धोरों में हमारी सेना से लड़ाई का पराक्रम सीख रही है. 5वीं इंटरनेशनल आर्मी स्काउट मास्टर्स कॉम्पिटिशन में 8 देशों की सैन्य टीमों के बीच पांच राउंड में विभिन्न प्रतियोगिताएं हो रही है. जिसमें रूस, चीन, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान, जिम्बावे, अर्मेनिया और बेलारूस भी शामिल हैं.

45 डिग्री तापमान में साझा करेंगे तकनीक
इससे पहले इस प्रतियोगिता का आयोजन रूस में होने के कारण विभिन्न देशों की सेनाओं को माईनस 30 डिग्री के तापमान में एक्सरसाइज करनी पड़ती थी. लेकिन इस बार इस प्रतियोगिता में नवाचार के रूप में भारत के जैसलमेर को इस प्रतियोगिता के आयोजन के लिए चुना गया ताकि 45 डिग्री से भी ऊपर के तापमान में किस तरह से युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया जाता है. इसका भी अभ्यास किया जा सके. 

  

दुश्मन के इलाके में घुसकर सटीक जानकारी लेने का अभ्यास
स्काउट की मुख्य भूमिका युद्ध क्षेत्र में लीड करने की होती है. पेट्रोलिंग के दौरान स्काउट दुश्मन की गतिविधियों पर पैनी निगाह रखते हुए इसकी जानकारी एकत्र कर अपनी सेना के टुकड़ी को देता है. यह दुश्मन की मुख्य लाइन के पीछे होने वाली सैन्य हलचल व हथियारों की जानकारी भी एकत्र करता है. युद्ध के दौरान स्काउट की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है. यह अपनी सेना के लिए आंख और कान का काम करता है. दुश्मन के क्षेत्र में घुसकर वहां अपने संपर्क बनाकर या फिर गुपचुप तरीके से उसकी रक्षा पंक्ति की पूरी जानकारी भेजता रहता है. इसके आधार पर ही उसकी सेना अपने हमले की रणनीति बनाती है.  .

5 चरणों में हो रही प्रतियोगिता
प्रतिय़ोगिता का आयोजन 5 चरणों में हो रहा है. जिनमें आतंकवादियों पर लगाम और बम निरोधक कार्रवाई पर रोक के साथ साथ छोटे हथियारों से फायरिंग के अलावा अन्य गतिविधियां शामिल हैं.

रेतीले धोरों में चीनी सेना सीख रही युद्ध के गुर 
भारत की अपने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी चीन के साथ पहली बार थार के रेगिस्तान में जमीनी लड़ाई में जोर आजमाइश होगी. पहाड़ों व बर्फीले स्थानों पर युद्ध करने में दक्ष मानी जाने वाली चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA ) तपते थार के धोरों में भारतीय सेना से लड़ाई के दौरान दुश्मन के इलाकों में घुसकर निर्णायक बढ़त लेना सीखेगी. इसे रक्षा कूटनीतिक तौर पर भारत की बड़ी जीत माना जा रहा है.  

प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक ब्रिगेडियर प्रेमराज ने बताया कि 5 अगस्त को ऑपनिंग सैरेमनी के साथ इस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसका पहला चरण 6 अगस्त को शाम को सम्पन्न हुआ. जिसमें सभी टीमों ने बहुत ही प्रतिस्पर्धात्मक उर्जा के साथ इसे खेला.

इस दौरान पहले चरण में अभ्यास में एक हैलीकॉप्टर द्धारा माउंटिंग बेस बना करके दुशमन के इलाके में घुसना और अपने बैटल लोड जिसमे 22 किलोग्राम का सामान और हथियारों के साथ 12 किमी लंबा नाइट नेविगेशन पुरा करना था जिसमे सभी आठ टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया. 

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पहले चरण की प्रतियोगिता के परिणाम बताते हुए बिग्रेडियर प्रेमराज ने कहा कि पहले चरण में भारतीय टीम पहले स्थान पर रही. वहीं, दूसरे पायदान पर टीम कजाकिस्तान और तीसरे स्थान पर टीम रसिया रही. इन परिणामों को मोक्सो स्थित इन्टरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन कमेटी के साथ साझा किया है. 

उन्होंने बताया कि इसका दूसरा चरण 7 अगस्त से शुरू हो गया है और ये 8 अगस्त के शाम तक चलेग.  जिसमें रसिया द्धारा निर्मित बीएमपी इन्फेन्ट्री कॉम्बेट व्हीकल द्धारा तेज रफ्तार और विभिन्न ऑप्स्टीकल के साथ अभ्यास हो रहा है. 

दूसरे चरण के पहले दिन भारतीय सैन्य टीम और कजाकिस्तान की टीम ने हिस्सा लिया और बाकी की 6 टीमें  हिस्सा लेगी. जिसके बाद दूसरे चरण का परिणाम भी घोषित किया जाएगा. 

इस प्रतियोगिता में एक्सपर्ट जजों का एक पैनल तैयार किया गया है. जिसमें उनके साथ रूस आर्मी के कर्नल रैंक के एक अधिकारी सहित सभी टीमों से एक-एक अधिकारी को शामिल किया गया है. जो प्रतियोगिता में टीमों के प्रदर्शन को बारिकी से परख रहे है. बाकी के चरण 14 अगस्त तक चलेगें जिसके परिणाम उस समय घोषित किये जाएंगे.