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Karauli News: राजस्थान के करौली में पायलट ने कहा कि आंखों में आंख डालकर सच-झूठ पहचाना जा सकता है. उन्होंने बताया कि उन्होंने सभी साथ काम करने वाले नेताओं का हमेशा सम्मान किया है. उनके अनुसार मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं रहे.
क्या बोले थे पूर्व सीएम अशोक गहलोत?
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर मानेसर कांड को लेकर अपनी बात रखी. उनका कहना है कि इसे कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ बगावत कहना सही नहीं है. गहलोत ने तर्क दिया कि अगर सच में यह बगावत होती, तो उस समय पार्टी नेतृत्व उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बनाए नहीं रखता. उनके मुताबिक, इसका मतलब यही है कि मामला बगावत का नहीं था, बल्कि उस समय सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले का विरोध था. गहलोत ने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर जो निर्णय हुए, वे पूरी तरह राजनीतिक परिस्थितियों और विधायकों की भावना के आधार पर थे.
क्या था मानेसर कांड और 25 सितंबर का पूरा घटनाक्रम?
कुछ साल पहले राजस्थान की राजनीति में बड़ा सियासी संकट देखने को मिला था, जिसे मानेसर प्रकरण कहा जाता है. उस समय तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ हरियाणा के मानेसर स्थित एक होटल में चले गए थे. इससे गहलोत सरकार पर खतरा मंडराने लगा था. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थन वाले विधायक जैसलमेर के होटलों में एकजुट रहे और सरकार को बचाने की कोशिश करते रहे. आखिरकार सरकार बच गई, लेकिन इस घटना ने पार्टी के भीतर गहरी दरार छोड़ दी.
इसके बाद 25 सितंबर को एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया. उस समय यह चर्चा तेज थी कि अशोक गहलोत को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है और वे मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं. इसी वजह से राजस्थान में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर हलचल शुरू हो गई थी, जिसमें सचिन पायलट का नाम भी प्रमुख रूप से सामने आने लगा. इसी स्थिति में गहलोत समर्थक करीब 90 से 100 विधायक एक साथ आ गए और उन्होंने साफ कर दिया कि वे पायलट को मुख्यमंत्री स्वीकार नहीं करेंगे. उनका तर्क था कि जब मानेसर प्रकरण में सरकार संकट में थी, तब उन्होंने पार्टी और नेतृत्व के प्रति वफादारी निभाई थी, इसलिए नया मुख्यमंत्री उन्हीं में से किसी को बनाया जाए, पायलट को नहीं. यही विवाद आगे चलकर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा.
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आज करौली पहुंचे थे सचिन पायलट
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को हिण्डौन क्षेत्र के सकरघटा गांव में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट की प्रतिमा का अनावरण किया. इसके बाद आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला तथा महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, नीट पेपर लीक और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जनता आज महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है तथा केंद्र और प्रदेश की सरकारें लोगों के मूल मुद्दों से दूर होती जा रही हैं.
किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने हाल ही में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस आधार के नामांकन निरस्त किया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है. पायलट ने कहा कि व्यवस्था में सुधार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायपालिका, मीडिया, पुलिस, प्रशासन सहित विभिन्न संस्थाओं में भय का वातावरण बना हुआ है और प्रदेश में गरीबों, दलितों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं.
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अपने संबोधन में उन्होंने कार्यकर्ताओं को अनुशासन, धैर्य और जनसेवा का संदेश देते हुए कहा कि राजनीति का मूल उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए. उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय राजेश पायलट के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने फौज की सेवा छोड़कर राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया और जीवनभर सत्य एवं किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया.
करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद पर पायलट ने कहा कि इस समस्या का समाधान टकराव नहीं, बल्कि संवाद से निकल सकता है. उन्होंने सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और किसानों से सकारात्मक पहल कर आपसी सहमति से समाधान निकालने का आग्रह किया, ताकि किसानों को समय पर पानी उपलब्ध हो सके.
इससे पूर्व सचिन पायलट दिल्ली से ट्रेन द्वारा हिण्डौन सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. रेलवे स्टेशन से लेकर सकरघटा गांव तक विभिन्न स्थानों पर उनका अभिनंदन किया गया तथा पुष्पवर्षा की गई. कार्यक्रम में करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, हिण्डौन विधायक अनीता जाटव, पूर्व मंत्री रमेश मीणा, टोडाभीम विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम मेहर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीणा, पूर्व विधायक प्रत्याशी शिव प्रताप हरसाना, वरिष्ठ कांग्रेसी नरेश गुर्जर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, किसान और ग्रामीण मौजूद रहे.
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