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राजा हरि सिंह से पाली के इस परिवार का था खास नाता, आज भी कश्मीर में है पुश्तैनी हवेली

कश्मीर के तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने उन्हें कविराज उपाधि देकर कश्मीर का कविराज बनाया था. कविराज मुरादा दान की श्रीनगर लाल चौक में विशाल हवेली बनी हुई है.

राजा हरि सिंह से पाली के इस परिवार का था खास नाता, आज भी कश्मीर में है पुश्तैनी हवेली

भुपेश आचार्य, पाली: कश्मीर के कविराज परिवार के सदस्य पाली जिले के सोजत, बाड़मेर जिले के बालोतरा में निवास कर रहे हैं. मूल रूप से पाली जिले के पास के गांव के निवासी कश्मीरी कविराज परिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की प्रशंसा करते हुए थक नहीं रहा है. परिवार के मौजूद लोग बताते हैं कि वर्ष 1982 तक श्रीनगर के लाल चौक पर स्थित हवेली और श्रीनगर से करीब 20 किलोमीटर दूर तहसील में स्थित कविराज की माफिक जागीरदारी से बकाया हिस्सा राशि आ रही थी. इसके बाद वहां माहौल खराब होने कारण कविराज परिवार के सब सदस्य वहां से आ गए, जिस कारण वहां से बकाया राशि आनी बंद हो गई. जागीर गांव की हिस्सा राशि कश्मीर की राज्य सरकार के खाते में जमा हो रही है जो कि अब उन्हें मिलने की उम्मीद है.  

कश्मीर के तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने उन्हें कविराज उपाधि देकर कश्मीर का कविराज बनाया था. कविराज मुरादा दान की श्रीनगर लाल चौक में विशाल हवेली बनी हुई है. जहां वह परिवार के साथ निवास करते थे. कश्मीर के भारत में विलय होने के बाद कविराज मुरादा दान के बड़े बेटे एडवोकेट मोहन सिंह सोजत और छोटे बेटे एडवोकेट शिशुपाल सिंह बालोतरा शिफ्ट हो गए. जिसके बाद श्रीनगर की हवेली को 16 अलग-अलग किरायदारों को दे दिया गया. वहीं अपनी जागीरी के बांकुरा गांव के खेतों की नीलामी से आने वाली 40% हिस्से की राशि लेने के लिए वह समय-समय पर वहां जाते रहते हैं. 

कविराज परिवार के सदस्य सरदार सिंह बताते हैं कि केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले ने उनमें उम्मीद जगाई है. कश्मीर तो जन्नत है पर मौका पड़ने से नर्क बना दिया और फिर धरती स्वर्ग बनेगी. केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद अब हमारा पूरा परिवार एक राय होकर कोशिश करेगा तो धरती के स्वर्ग पर अपनी प्रॉपर्टी को वापस पाने की उम्मीद है.