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उदयपुर में निर्जला एकादशी पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया पतंग महोत्सव

 शहर की विश्वप्रसिद्ध फतहसागर झील के रानी रोड़ छोर पर आयोजित हुए इस पतंगोत्सव में तरह तरह की रंग बिरंगी पतंगो ने आसमान में उड़ान भर सभी का मन मोह लिया.

उदयपुर में निर्जला एकादशी पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया पतंग महोत्सव
बाघ के सरक्षण का संदेश देती पतंग भी लोगों के खासे आकर्षण का केंद्र रही.

उदयपुर: पर्यटन नगरी उदयपुर में हर वर्ष की भांति निर्जला एकादशी पर होने वाले पतंगोत्सव में इस बार भी लोगों ने जमकर दिलचस्पी दिखाई. शहर की विश्वप्रसिद्ध फतहसागर झील के रानी रोड़ छोर पर आयोजित हुए इस पतंगोत्सव में तरह तरह की रंग बिरंगी पतंगो ने आसमान में उड़ान भर सभी का मन मोह लिया. निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित किए गए इस उत्सव में देश के प्रधानमंत्री मोदी, क्रिकेट वर्ल्ड कप, टाइगर, सहित कई चीजों की पतंगे आसमान में उड़ती हुए नजर आयी. इस अवसर पर उदयपुर के पतंगबाजो ने उदयपुरवासियों में वन्यजीव के प्रति जागरूकता लाने और सामाजिक कुरूतियों को समाप्त करने के लिए इस उत्सव को समर्पित किया.

लेकसिटी उदयपुर का आसमान आज शहरवासियों और यहॉं आने वाले पर्यटकों को सामाजिक कुरूतियों को दुर करने का संदेश देता नजर आया. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,जल सरक्षण सहित कई समाजिक मुद्दों से जुडी रंग बी रंगी पतंगे उदयपुर के आसमान में छाई रही. इस मौके पर उदयपुर के ख्यातनाम पतंगबाज़ो ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी पतंग आकाश में उड़ाकर दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसके अलावा विलुप्त होती प्रजाति बाघ के सरक्षण का संदेश देती पतंग भी लोगों के खासे आकर्षण का केंद्र रही. 

इस पतंगोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों का मनोरंजन करने के साथ साथ समाज में बदलाव लाने के लिये संदेश देने की भी कोशिश की जाती है. इस बार भी पतंगबाजों ने बेटी बचाओं, बाघ बचाओं, शहर को सुन्दर बनाओं और जल सरक्षण जेसे संदेश देने की कोशिश की. इस दौरान पतंगबाज़ो ने खाली पड़े फतहसागर झील किनारे से बाघ की आकृति की विशाल पतंग, आक्टोपस और एक डोर पर दौ सौ से ज्यादा समाज हित के संदेश देती पतंगों को उड़ाया. 

राष्ट्रीय पशु बाघ और देश के प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी बड़ी पतंगे देख शहर के लोगों का मजमा फतहसागर झील किनारे लग गया. इस दौरान लोगो ने घंटो तक खड़े रहकर निर्जला एकादशी के उपलक्ष में आयोजित होने वाली इस पतंगबाज़ी का जमकर लुत्फ़ उठाया. फतहसागर के रानी रोड छोर से उड़ती इन रंग बिरंगी पतंगो ने ऐसा खुशनुमा माहौल बना दिया मानो जो जहां खड़ा था वहीं रूक गया. नीले आसमान में सतरंगी पतंगों को देखने के लिए सैंकड़ों की संख्या में लोग वहां पंहूचे. पतंगबाजी देखने पहुंचे लोगों ने इससे पहले इतनी बड़ी पतंगों को आसमान में उड़ते नहीं देखा था तो वहीं जो संदेश पतंगबाजों ने देने की कोशिश की उसकी भी सराहना की. इसके अलावा जल सरक्षण के लिहाज से पतंगो के साथ जल ही जीवन के स्लोगन से लिखे खाली 12 लोठे भी इंद्रदेव के नाम उड़ाए,जिन्हे देखकर भी लोग खासे रोमांचित हुए. 

हर बार अलग करने की सोच के साथ आयोजित होने वाले इस पतंगोत्सव के माध्यम से उदयपुर के पतंगबाजो ने सामाजिक कुरूतियों को खत्म करने के साथ बेटी बचाने, जल सरक्षण जैसे संदेश भी देने की कोशिश की है. ऐसे में देखने वाली उनके ये प्रयास महज लोगों के मनोरंजन का साधन बनकर रह जाते हे या इससे समाज में जागरूकता लाने में भी सफलता मिली.