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राजस्थान: जानिए 2018 के विधानसभा चुनाव में किस पार्टी को मिला कितना फीसदी वोट

राजस्थान विधानसभा चुनाव में 99 सीटें पाने वाली कांग्रेस को 39.3 प्रतिशत, वहीं 76 सीटों पर जीतने वाली बीजेपी को 38.8 फीसदी मत मिले हैं.

राजस्थान: जानिए 2018 के विधानसभा चुनाव में किस पार्टी को मिला कितना फीसदी वोट
राजस्थान के चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद EC ने मत-प्रतिशत की जानकारी दी है.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में मंगलवार देर रात तक चली गिनती के बाद EC ने मत-प्रतिशत की जानकारी अपने वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है. निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार पोस्टल बैलेट और EVM के मतों को मिलाकर राज्य में 74.69 प्रतिशत मतदान हुआ है. 

इस बार के चुनाव में भारतीय नेशनल कांग्रेस(CONGRESS) को 39.3 प्रतिशत वोट, भारतीय जनता पार्टी(BJP) को 38.8 प्रतिशत, निर्दलीय(INDEPENDENT) को 9.5 प्रतिशत, बहुजन समाज पार्टी (BSP) को 4.0 प्रतिशत, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (NDP) को 2.4 प्रतिशत, कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) को 1.2 प्रतिशत मत मिले हैं.

वहीं भारतीय ट्राइबल पार्टी(NTP) को 0.7 प्रतिशत, एएएपी (AAP) को 0.4 प्रतिशत, राष्ट्रीय लोक दल(INLD) को 0.3 प्रतिशत, बीवीएचपी(BVHP) को 0.3 प्रतिशत, जेएसआर(JSR) को 0.2 प्रतिशत, एनसीपी(NCP) को 0.2 प्रतिशत, एसपी(SP) को 0.2 प्रतिशत और नोटा (NOTA) पर 1.3 प्रतिशत मत मिले हैं. 

आपको बता दें कि, राज्य में मतगणना का कार्य मंगलवार देर रात पूरा हुआ था. इस बार राज्य में मतगणना के लिए 35 मतदान केंद्र बनाए गए थे. जिसमें जयपुर और जोधपुर में दो-दो केंद्रों पर और शेष 31 जिलों में एक-एक केंद्र पर वोटों की गिनती हुई थी.

चुनाव आयोग ने मतगणना स्थल और उसके आस-पास के क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी, ताकि मतगणना स्थल पर किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं हो सके. 

मंगलवार को मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती से हुई थी और उसके बाद ईवीएम से किए गए वोटिंग की गिनती हुई. इसके अलावा राज्य में पहली बार सेवा नियोजित कर्मचारियों ने अपना मतदान ई-पोस्टल बैलेट के माध्यम से किया था. जिसकी गणना आयोग के स्पेशल सॉफ्टवेयर क्यू आर कोड स्कैनर के माध्यम से की गई है. इसके माध्यम से इन ई पोस्ट बैलेट को मतगणना में शामिल किया गया है.

निष्पक्षता के लिए ‘मैंडेटरी वैरीफिकेशन‘ पद्धति की गई थी लागू

मतगणना में पूर्ण निष्पक्षता बनी रहे इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने ‘मैंडेटरी वैरीफिकेशन‘ पद्धति को भी लागू किया था. जिस दौरान मतगणना पूरा होने के बाद प्रत्येक विधानसभा के मतदान केंद्रों से रैंडमली एक-एक वीवीपैट का चयन कर उसकी पर्चियों की गणना कर, ईवीएम से प्राप्त मतों से मिलान किया गया था. इस दौरान रिटर्निंग आफिसर-पर्यवेक्षकों की निगरानी और उम्मीदवार या उनके एजेंटों के समक्ष अलग कक्ष में वीवीपैट मशीन से निकली पर्चियों की मतगणना और मिलान हुआ. कुमार ने बताया कि इससे पहले गुजरात और हिमाचल के चुनावों में भी यह प्रयोग आजमाया जा चुका था.