कोटा: एसीबी की कार्रवाई, 5 हजार की घूस लेते हुए कांस्टेबल को रंगे हाथों पकड़ा

एसीबी ने केमिकल पाउडर लगे 5 हजार रुपए अमरसिंह को देकर उसे कांस्टेबल को देने भेज दिया. साथ ही एसीबी की टीम भगतसिंह सर्किल के पास खड़ी हो गई. 

कोटा: एसीबी की कार्रवाई, 5 हजार की घूस लेते हुए कांस्टेबल को रंगे हाथों पकड़ा
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोटा: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को कोटा में कार्रवाई करते हुए एक घूसखोर कांस्टेबल देवराज सिंह जाट  को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. ब्यूरो ने सचिव को दो हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा और उसे शुक्रवार को ब्यूरो की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा. 

एसीबी की इस कार्रवाई से सदर थाने के पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीख लेते हुए भ्रष्टाचार मुक्त देश बनाने के लिए काम कर रहे हैं. एसीबी के उपाधीक्षक महेंद्र मीणा ने बताया कि अमरसिंह पुत्र मानसिंह निवासी पैंतपुर थाना सदर ने बुधवार को शिकायत दी कि उसके द्वारा अपने ही खेत में कराए जा रहे बोरवेल की खुदाई के लिए नहीं रोकने की एवज में उससे सदर थाने का कांस्टेबल देवराज सिंह जाट निवासी हरसोली थाना खैरथल 5 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है. 

इस पर एसीबी ने कांस्टेबल द्वारा रिश्वत मांगने का सत्यापन कराया. इसमें कांस्टेबल के रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई. कांस्टेबल देवराज सिंह ने रिश्वत की राशि लेने के लिए अमरसिंह को शाम 6 बजे भगतसिंह सर्किल स्थित नवीन उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास बुलाया. एसीबी ने केमिकल पाउडर लगे 5 हजार रुपए अमरसिंह को देकर उसे कांस्टेबल को देने भेज दिया. साथ ही एसीबी की टीम भगतसिंह सर्किल के पास खड़ी हो गई. इस दौरान कांस्टेबल देवराज सिंह जाट सिविल ड्रेस में अपनी स्विफ्ट कार में सवार होकर भगत सिंह सर्किल पहुंचा. यहां कांस्टेबल ने अमर सिंह को इशारा कर बुलाया और कार के अंदर बैठा लिया तथा उससे रिश्वत की राशि ले ली. इसी दौरान एसीबी टीम ने कांस्टेबल को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया. 

इस मामले के प्रतिवादी अमर सिंह निवासी पैतपुर ने बताया कि उनके गांव में पानी के लिए बोरिंग की जा रही थी इस दौरान देशराज ने कई किसानों से बोरिंग मशीन करवाने के एवज में बहुत पैसे बटोर लिए है. इस पर अमरसिंह से भी 15,000 रुपये की डिमांड की गई थी लेकिन गरीब होने की वजह से 5,000 पर बात बनी जिस पर यह कार्रवाई हो गई.