कोटा: PDS के गेहूं में महाघोटाला, अधिकारियों और राशन डीलरों ने डाला गरीबों के निवाले पर डाका

एसीबी ने जांच के बाद 4 सरकारी अफसरों और उनके साथी  7 राशन डीलरों के खिलाफ भ्रष्टाचार करने का मामला दर्ज किया है.

कोटा: PDS के गेहूं में महाघोटाला, अधिकारियों और राशन डीलरों ने डाला गरीबों के निवाले पर डाका
एसीबी की कार्यवाही के बाद रसद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है

कोटा: जिले में सरकारी अधिकारी ही गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं. मामला जब एसीबी तक पहुंचा तो एसीबी ने जांच के बाद अब ऐसे 4 सरकारी अफसरों और उनके साथी  7 राशन डीलरों के खिलाफ भ्रष्टाचार करने का मामला दर्ज किया है. एसीबी की इस कार्यवाही के बाद रसद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

प्रकरण में एसीबी ने तत्कालीन जिला रसद अधिकारी अशोक मीणा, रसद विभाग की प्रवर्तन अधिकारी संध्या सिन्हा, प्रवर्तन अधिकारी अमित शर्मा और अरविंद आचार्य सहित 7 राशन की PDS दुकानदारों के खिलाफ FIR दर्ज की है.

मामला 24 मई 2018 का है जब कोटा एसीबी ने एक शिकायत पर कार्यवाही करते हुए आकस्मिक चैकिंग की थी, जिसमें एसीबी ने रसद विभाग का रिकॉर्ड जब्त किया था. प्रकरण में जांच के दौरान एसीबी के सामने बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

मामले की जांच करने वाले कोटा एडिशनल एसपी एसीबी चंद्रशील ने बताया कि कुल 44,920 क्विंटल गेंहू को बाहर इन अधिकरियों ने राशन डीलर्स के साथ मिलकर खुर्द बुर्द कर दिया था. गेंहू की इस कालाबाज़ारी से जहां सरकार को लगभग 6.5 करोड़ रुपये की हानि हुई है वहीं सैकड़ों गरीब सस्ते अनाज से वंचित रह गए.

एसीबी ने सितंबर 16 से मई 2017 तक कुल 9 महीने के रिकॉर्ड की जांच की थी, जिसमें इस फर्जीवाडे़ का आंकड़ा  6.5 करोड़ तक जा पहुंचा है. एडिशनल एसपी चंद्रशील ने बताया कि एसीबी को जांच के दौरान रिकॉर्ड में भारी हेरा फेरी नजर आयी है. लगभग 44,920 क्विंटल गेंहू चुनिंदा दलाल राशन डीलर्स को ज्यादा दिया गया जबकि इसकी एंट्री ना तो POS मशीन में थी ना ही किसी रिकॉर्ड में की गयी. जबकि डीलर्स को दिए गए राशन कार्डों की तय मात्रा से कई गुना ज्यादा मात्रा में गेंहू इनको कागजों में बांट दिया गया था.

अब एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी के निर्देश पर इन कालाबाजारी में लिप्त सरकारी अफसरों और राशन डीलर्स के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है.