कोटा: बढ़ता जा रहा है मौसमी बिमारियों का कहर, स्वाइन फ्लू से और 4 लोगों की हुई मौत

जानकारी के मुताबिक प्रेमनगर द्वितीय निवासी ढाई वर्षीय बालक की उपचार के दौरान मौत हो गई. आठ दिन पहले तबीयत खराब होने पर परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे. 

कोटा: बढ़ता जा रहा है मौसमी बिमारियों का कहर, स्वाइन फ्लू से और 4 लोगों की हुई मौत
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोटा: सम्भाग मौसमी बीमारियों का गढ़ बनता जा रहा है. डेंगू, स्क्रब टाइफस के बाद अब स्वाइन फ्लू का वायरस लोगों की जान ले रहा है. बेकाबू स्वाइन फ्लू के वायरस से लोग दहशत में है. शहर के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है. हालात यह हैं कि आतंकी स्वाइन फ्लू का कहर अब बच्चों और वृद्धों पर टूटा रहा है. पिछले दो दिन में स्वाइन फ्लू से दो मासूम बच्चों और वृद्धों की मौत हो गई. एक साथ चार मौते होने से चिकित्सा विभाग में हड़कम्प मचा है. 

जानकारी के मुताबिक प्रेमनगर द्वितीय निवासी ढाई वर्षीय बालक की उपचार के दौरान मौत हो गई. आठ दिन पहले तबीयत खराब होने पर परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे. जहां जाच में उसकी रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई थी. इसके अलावा टोंक जिले के देवली क्षेत्र के पनवाड़ निवासी दो माह के मासूम को तीन दिन पहले निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. जांच में वह भी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मिला था.  

एक बार तो वह ठीक हो गया था लेकिन उसके बाद दोबारा उसकी तबीयत बिगड़ गई. उसे वेंटिलेंटर पर भी रखना पड़ा, लेकिन शनिवार दोपहर तीन बजे उसकी मौत हो गई. वहीं चिकित्सा विभाग के अनुसार, बूंदी निवासी कमलेश बाई को 29 सितम्बर को एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया था. जहां शनिवार शाम को उनकी मौत हो गई. 

वहीं कोटा के अर्जुनपुरा निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग रामकल्याण शुक्रवार को एमबीएस अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराया था. लेकिन रिपोर्ट आने से पहले उनकी रात को मौत हो गई. शनिवार को उनकी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव जांच रिपोर्ट आई है. हाड़ौती सम्भाग में स्वाइन फ्लू के कहर से इस सीजन में अब तक 33 मौतें हो चुकी है. जबकि इस वायरस के खोफ से अब तक सीजन में करीब 1200 मरीज स्वाइन फ्लू की जांच करवा चुके हैं. जिनमे से करीब 300 लोगों के स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है.