कोटा: रेप-छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं के बाद अब लड़कियों को सशक्त कर रहे स्कूल

सांगोद में बीते कुछ महिनों से स्कूल-कोचिंग आने जाने वाली बालिकाओं के साथ हो रही छेड़छाड़ की घटना के बाद सांगोद पुलिस ने बालिका सुरक्षा को लेकर नई पहल की है.

कोटा: रेप-छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं के बाद अब लड़कियों को सशक्त कर रहे स्कूल
फाइल फोटो

कोटा: इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली कठुआ और उन्नाव गैंगरेप रेप की घटनाओं के बाद देश में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे है. जिसके बाद अब बालिकाओं में स्वयं की सुरक्षा को बढ़ाने को लेकर कोटा ग्रामीण पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है. सांगोद के स्कूल में अब बालिकाएं आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण ले रही हैं. इन्हे हर उस असामाजिक स्थिति से निपटने का अभ्यास कराया जा रहा है जो इनके जीवन में कभी भी किसी भी समय समय घटित हो सकती है. मनचलों की हरकतों से निपटने के लिए इन बालिकाओं को हर वो चीज सिखाई जा रही है जो जिनसे वो ऐसी हरकतों का सीधा जवाब दे सकें.

सांगोद में बीते कुछ महिनों से स्कूल-कोचिंग आने जाने वाली बालिकाओं के साथ हो रही छेड़छाड़ की घटना के बाद सांगोद पुलिस ने बालिका सुरक्षा को लेकर नई पहल की है. बालिकाओं के साथ बढ़ती अमानवीय घटनाओं को लेकर पुलिस बालिकाओं को खुद की आत्मरक्षा को लेकर जागरूक कर उन्हें मनचलों की हरकतों से निपटने के गुर सिखा रही है. यहां राजकीय बालिका स्कूल में प्रतिदिन सैकड़ों बालिकाएं पूरे उत्साह से आत्मरक्षा का प्रशिक्षण ले रही हैं. 

सांगोद कस्बे में स्कूल-कोचिंग आने जाने वाली बालिकाओं के साथ बीते छह माह में आधा दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं लेकिन इनमें सिर्फ दो मामले ही थानों तक पहुंचे. शर्म और लोकलाज के भय से कई बालिकाएं अपने साथ होने वाली घटनाओं का जिक्र तक नहीं कर पाती. इस समस्या के लिए भी सांगोद पुलिस ने स्कूलों में गरिमा बोक्स लगाए हैं जिसमें बालिकाएं बिना किसी डर के निसंकोच अपनी शिकायत डाल सकती हैं.

बालिका सुरक्षा को लेकर पुलिस ने कोचिंग एवं स्कूल संस्थाओं के आसपास भी पुलिस की गश्त बढ़ाई है. प्रतिदिन प्रत्येक घंटे पुलिस कर्मी संस्थाओं के आसपास गश्त कर रहे हैं. स्कूलों में गरिमा बोक्स लगाने के साथ पुलिस के अधिकारी भी बालिकाओं के बीच पहुंचकर उनकी होसला अफजाई में जुटे है. इसी का नतीजा है कि कस्बे में ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है.