कोटा: चिकित्सा विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी बेकाबू हुआ डेंगू, सभी सर्वे हुए फेल

यहां मरीजों को फर्श पर ही इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है. बड़गांव निवासी सजना बाई ने बताया कि उनका बेटा मुकेश मीणा आठ दिन से इमरजेंसी में भर्ती था.

कोटा: चिकित्सा विभाग की लाख कोशिशों के बाद भी बेकाबू हुआ डेंगू, सभी सर्वे हुए फेल
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोटा: चिकित्सा विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद शहर में बेकाबू हो चुके डेंगू पर लगाम नहीं लग पा रही है. मौसम में बदलाव के बाद भी रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं. जो चिकित्सा विभाग की टीमों के सर्वे के दावों की पोल खोल रहा है. मंगलवार को भी एक ही दिन में 26 डेंगू और 3 स्क्रब टायफस मरीज सामने आए हैं.

जिले में मौसमी बीमारी इस कदर हावी है कि अस्पतालों आउटडोर की संख्या में इजाफा हो गया है. लेब में जांच की संख्या बढ़ गई है. हालत यह हो गए हैं कि अस्पतालों मरीजो के लिए बेड कम पड़ गए हैं. कोटा के एमबीएस अस्पताल के मेल मेडिकल वार्ड सी-डी में 65 बेड होने के बावजूद मरीजों के लिए अब जगह नहीं बची. 

यहां मरीजों को फर्श पर ही इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है. बड़गांव निवासी सजना बाई ने बताया कि उनका बेटा मुकेश मीणा आठ दिन से इमरजेंसी में भर्ती था. जांच में उसे डेंगू मिला. रविवार को उसे मेल मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया, लेकिन यहां बेड नहीं होने से वह अपना उपचार फर्श पर ही करवा रहा है. बूंदी के तालेड़ा निवासी गोपाल कहार ने बताया कि दवा के सेवन से उसकी तबीयत खराब हो गई. उसे भी इसी वार्ड में भर्ती किया गया, लेकिन उसे भी बेड नहीं मिला. ऐसे में फर्श पर इलाज करवा रहे हैं. अस्पताल प्रशासन उन्हें गद्दे तक नसीब नहीं करवा सका है.