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कोटा: रोक के बावजूद फ्रेजर ब्रिज पर बारिश का आनंद लेने उमड़ी जनता, प्रशासन बेखबर

शहर के सबसे पुराने फ्रेजर ब्रिज पर स्थानीय व्यक्ति परिवार के साथ पिकनिक मनाने और नहाने के लिए उमड़ रहे है.

कोटा: रोक के बावजूद फ्रेजर ब्रिज पर बारिश का आनंद लेने उमड़ी जनता, प्रशासन बेखबर
ह पुल सालों पहले जर्जर हो चुका है.

पुरूषोत्तम जोशी/टोंक: प्रदेश में मुसलाधार बारिश ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है. टोंक जिलेभर में हुई झमाझम बारिश से बनास नदीं में जहां पानी की आवक हुई है, वहीं शहर के सबसे पुराने फ्रेजर ब्रिज पर स्थानीय व्यक्ति परिवार के साथ पिकनिक मनाने और नहाने के लिए उमड़ रहे है. लेकिन यहां ना तो कोई सुरक्षा के इंतजाम है और ना ही कोई रोकने के लिए पुलिस का जवान.

आपकों बता दे कि यह वही ब्रिज है जहां हर साल डूबने से औसतन आधा दर्जन युवाओं की मौत होती है. लेकिन फिर भी यहां युवा जान जोखिम में डाल कर मौत की छलांग लगा रहे है. लम्बे इंतजार के बाद सूबे में हुई झमाझम बारिश से एक ओर जहां आमजन के मुरझाए चेहरे खिल उठे है. वहीं प्रशासन की उदासीनता के चलते यह बारिश बैरन साबित हो रही है.

बात अगर नवाबी नगरी टोंक में लगातार हो रही बारिश से शहर से लेकर गांव तक आमजन की मुसीबतें बढ़ गई है. हालांकि बारिश पिछले दो दिन से जिले में नहीं हुई है, लेकिन दो दिन पहले तक जो बारिश हुई उसने हर किसी को परेशान कर दिया. वहीं दूसरी ओर लगातार बारिश से सूखी बनास में पानी दौड़ने से आमजन की खुशी दोगुना बढ़ गई. हर कोई बनास नदीं के किनारे परिवार और दोस्तों के साथ या तो पिकनिक मनाने आ रहा है. लेकिन जिस बनास नदीं के फ्रेजर ब्रिज पर लोग टहल रहे है, यह पुल पूरी तरह से जर्जर है और इस पूल से आमजन को गुजरने के लिए पूरी तरह से बंद सालों पहले किया जा चुका है.

बता दें कि यह पुल सालों पहले जर्जर हो चुका है और अब तो इसमें बड़ी दरारे भी आ चुकी है, लेकिन जिला प्रशासन पूरी तरह से हादसों को लेकर अंजान बना हुआ है. वहीं पूल के नीचे बनास नदीं में भरे बारिश के पानी में युवा पूल के ऊपर चढ़ कर छलांगे मार-मार नहा रहे है, जो कभी भी बड़े हादसे में तब्दील हो सकता है. पिछले साल भी करीब 8 जनों की यहां डूबने से मौत हो चुकी है.

लगातार होते बनास नदी में हादसों के बाद भी ना तो आजमन खुद गम्भीर हो रहे है और ना जिले का प्रशासन कोई कारगर कदम उठा रहा है. उम्मीद है इस साल हादसे होने से पहले कोई कारगर उपाय होंगे.