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कोटा: सरकार करेगी शेरगढ़ किले का जीर्णोद्धार, पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

बारां जिलें में सैकड़ों सालों पुरानी एतिहासिक पुरा सम्पदा और प्राचीन विरासत भरी पड़ी है, लेकिन देख-रेख  के अभाव में वह जर्जर हो रही थी.

कोटा: सरकार करेगी शेरगढ़ किले का जीर्णोद्धार, पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद
सरकार ने किले के जीर्णोद्धार और मरम्मत के लिए 2.2 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है.

राम प्रसाद मेहता/बारां: कोटा के बारां जिले में सैकड़ों वर्षों से उपेक्षित पड़ी पुरा संपदा को अब संबल मिलने की आस बंधी है. वहीं जर्जर और बदहाल पड़ी प्राचीन विरासत के दिन फिरने के बाद पर्यटन बढ़ने की संभावनाऐं बननें लगी है. इसी को लेकर प्रदेश की बजट घोषणा के तहत जिले के शाहबाद व शेरगढ़ किले के जीर्णोद्धार और मरम्मत के लिए 2.2 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है. 

बारां जिलें में सैकड़ों सालों पुरानी एतिहासिक पुरा सम्पदा और प्राचीन विरासत भरी पड़ी है, लेकिन देख-रेख  के अभाव में वह जर्जर हो रही थी. वहीं पर्यटन के लिए कोई प्रयास नहीं किए जाने के कारण इनकी पहचान नहीं बन पा रही थी. साथ ही बारां जिलें में मिनी खुजरोह भण्डदेवरा बदहाल और जर्जर हो गया. प्रचीन शिव मंदिर खण्डर हाल में तब्दील हो गया है. वहीं शाहाबाद का ऐतिहासिक किला, बाबडी, नवल तोप, जामा मस्जिद, शेरगढ़ का भी भव्य और एतिहासिक किला देख रेख के अभाव में अपनी पहचान खो रहा था. 

वहीं सरकार द्धारा बजट स्वीकृत होने पर जिले के लोगों को उम्मीद की आस जगी है. वहीं, जिलें में एतिहासिक पुरा सम्पदा और एतिहासिक किलों की सारसंभाल होने पर पर्यटन के विकास के साथ पुरा सम्पदा का सरंक्षण हो सकेगा. इसकी तहत संभागीय आयुक्त एलएन सोनी के नेतृत्व में जिले के अधिकारी भी उक्त स्थलों का अवलोकन विशेषज्ञो के साथ कर चुकें है. संभागीय आयुक्त सोनी के साथ जिला कलेक्टर इंद्र सिंह राव ने भी ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व के भंडदेवरा, शाहबाद किला, शेरगढ़ किले का अवलोकन किया.

भंददेवरा मंदिर के संरक्षण के लिए विशेषज्ञों के माध्यम से कार्य योजना तैयार कर कार्य करने की बात कही. इसी क्रम में जिले के शाहाबाद किले में बालाकिला, नवल बावड़ी, पुरानी तहसील भवन व मंदिरों समेत विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर जीर्णोद्धार व मरम्मत के संबंध में निर्देश दिए. सभी ऐतिहासिक महत्व की विरासतो के संरक्षण के लिए कलेक्टर राव को कार्य योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए.

इस अवसर पर शाहाबाद एडीएम हीरा लाल वर्मा, एसडीएम अटरू कृष्ण गोपाल जोजन, एसडीएम किशनगंज चंदन दुबे कोषाधिकारी धीरज कुमार सोनी आदि मौजूद थे. देखनें वाली बात है कब ओर कितनें समय बाद इन एतिहासिक पुरा सम्पदा की जीर्णद्धारा होता है और इस सम्पदा की सारसंभाल शुरू होती है. साथ ही जिलें में पर्यटन को बढ़ावा मिलता है.