Kota News: अब Lottery नहीं, 'नीलामी' से ठेकेदारों को मिलेंगी शराब की दुकानें

शराब की दुकानों की आवंटन प्रक्रिया (Allocation process) को पहले के मुकाबले सरल बनाया बनाया गया है तो आबकारी विभाग ने तय किया है कि इस बदली प्रक्रिया के बाद विभाग का राजस्व (Revenue) भी तेजी से बढ़ेगा.

Kota News: अब Lottery नहीं, 'नीलामी' से ठेकेदारों को मिलेंगी शराब की दुकानें
प्रतीकात्मक तस्वीर.

Kota: आबकारी विभाग (Excise Department) ने रणनीति बदली है. इस बार लॉटरी से नहीं, नीलामी (Auction) से शराब ठेकेदारों को शराब की दुकानें मिलेंगी. 

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शराब की दुकानों की आवंटन प्रक्रिया (Allocation process) को पहले के मुकाबले सरल बनाया बनाया गया है तो आबकारी विभाग ने तय किया है कि इस बदली प्रक्रिया के बाद विभाग का राजस्व (Revenue) भी तेजी से बढ़ेगा. ऐसे में कोटा आबकारी विभाग ने भी करोड़ों रुपये के राजस्व के बढ़ने की उम्मीद जताई है.

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शराब दुकानों का आवंटन इस वर्ष नई आबकारी नीति से नीलामी कर किया जाएगा. सरकार ने हाल ही में आबकारी नीति में कुछ बदलाव किए हैं. इसके तहत देसी और अंग्रेजी शराब की कमपोजीट रिटेल ऑफ दुकान के अनुज्ञा पत्र के लिए की नीलामी की प्रक्रिया में पंजीयन कराना आवश्यक होगा. आवेदक आवश्यक दस्तावेज लगाकर नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे. 

क्या कहना है अतिरिक्त आबकारी आयुक्त का
अतिरिक्त आबकारी आयुक्त सुनीता डागा (Suneet Daga) ने बताया कि नीलामी में भाग लेने के लिए पंजीयन और आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ई नीलामी में भाग लेने के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है. आवेदन करने के समय दुकान बार निर्धारित आवेदन शुल्क जमा कराना होगा.

इस बदली हुई प्रक्रिया को लेकर विभाग आश्वस्त है कि पहले के मुकाबले अब विभाग का राजस्व बढ़ेगा करोड़ों कि आय पहले के आबकारी विभाग को ज्यादा होगी.

निश्चित ही यह बदलाव पूरी प्रक्रिया को न केवल सरल बना रहा है बल्कि विभाग के सामने लॉटरी प्रक्रिया के झंझट को भी दूर कर रहा है. विभाग ने उम्मीद जताई है कि यह प्रक्रिया विभाग के राजस्व को और ज्यादा बढ़ाएगी. इस पूरी प्रक्रिया के खत्म होने के साथ देखना होगा कि विभाग के राजस्व में कितना इजाफा होता है.